चीताखेड़ा। स्वतंत्रता सेनानीयों ने अपना बलिदान देकर स्वतंत्रता दिवस को हमें विरासत में दिया। पूरा देश अपने 78 वें स्वतंत्रता दिवस मनाया। इसी अवसर पर चीताखेड़ा में भी स्वतंत्रता दिवस मनाया गया परन्तु यहां का स्वतंत्रता दिवस पंचायत की खुरापाती राजनीतिक का शिकार बनकर रह गई। जिन्होंने देश की आजादी दिलाने में बलिदान दिया उन महापुरूषों भगतसिंह, सुभाष चन्द्र बोस, चंद्र शेखर आजाद, संविधान निर्माता बाबा डॉ भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा मंच पर नहीं लगाई गई। तो फिर उनका अपमान कर कौन सा और किसका बलिदान दिवस मनाया गया।
इस ग्राम पंचायत की शुरुआत से ही खुरापाती आदतानुसार इस बार भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद, संविधान निर्माता बाबा डॉ भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर धूल जमी हुई थी और इर्द-गिर्द गंदगी से गिरी हुई प्रतिमा को साफ-सुथरा तक नहीं किया गया और ना ही वहां पर विद्युत रोशनी तक नहीं की गई। पंचायत राष्ट्रीय पर्व को भी एक ओपचारिक रुप से बना कर रख दिया। जहां तक की विद्यालय परिसर में स्वतंत्रता दिवस पर सभी शासकीय अर्द्ध शासकीय स्कूलों के सभी स्कूलों के विद्यार्थी सामुहिक रूप से एक साथ एक ही मंच पर राष्ट्रीय पर्व मनाते हैं और ऐसे में सभी विद्यार्थियों एवं गांव के गणमान्य लोगों को वितरण हेतु राष्ट्रीय मिठाई की व्यवस्था का दायित्व भी वर्षों से पंचायत ही करती आ रही है कभी ऐसा नहीं हुआ और इस बार भी गत वर्ष की तरह कम मात्रा में जानबूझकर मिठाई लाई गई जो वितरण के दौरान कम पड़ गई। कई स्कूली बच्चे और गांव के गणमान्य लोगों को मिठाई भी नसीब नहीं हुई।