मंदसौर। कलेक्टर अदिती गर्ग, पुलिस अधीक्षक अभिषेक आनंद की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक पुलिस कंट्रोल रूम सभागार में आयोजित की गई। बैठक के दौरान आगामी दिनों में आने वाले पर्वाे अंतिम श्रावण सोमवार, शाही सवारी, रक्षाबंधन, श्री कृष्ण जन्माष्टमी, गोगा नवमी, गणेश चतुर्थी, गणेश उत्सव, डोल ग्यारस, मिलाद उल नबी, अनंत चतुर्दशी इत्यादि पर्वों पर की जाने वाले शांति व्यवस्था पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान सभी समाज जनों से आग्रह किया गया की आगामी सभी पर्व शांतिपूर्ण तरीके से हर्षाेल्लास के साथ मनाए। बैठक के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, जनपद अध्यक्ष बसंत शर्मा, अपर कलेक्टर एकता जायसवाल, एडिशनल एसपी गौतम सिंह सोलंकी, शांति समिति के सदस्य, पत्रकार मौजूद थे। बैठक के दौरान कलेक्टर ने कहा कि आगामी पर्व एवं त्योहार के दौरान हम सभी को पारंपरिक रीति रिवाज को अपनाना चाहिए। इसके साथ ही पारंपरिक वाद्य यंत्र, ढोल इत्यादि का प्रयोग करना चाहिए। त्योहारों के दौरान हम सभी पारंपरिक चीजों को भूलते जा रहे हैं, इसलिए पारंपरिक चीजों को अपनाना चाहिए। डीजे का उपयोग करने से हमें बचना चाहिए। पारंपरिक रीति रिवाज को अपनाने में शासन की भी मदद ले सकते हैं। इसके साथ आयोजक मंडल नवीन व्यवस्थाओं एवं जहां पर ट्रैफिक की समस्या रहती है, वहां पर नवीन मार्गों को भी उपयोग कर सकते हैं। ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग से आम जनों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। आयोजन कर्ता आयोजन के दौरान वोलेंटियर नियुक्त करें। वोलेंटियर अधिक से अधिक व्यवस्था देखे इसके लिए उन्हें प्रेरित करें। शाही सवारी के दौरान सवारी सुचारू रूप से चले, जिससे समय पर मंदिर परिसर में सवारी पहुंच जाए। इसका विशेष तौर पर ध्यान रखें। सवारी के दौरान आयोजक मंडल पर्याप्त इंतजाम करें। रास्ते में किसी प्रकार की कोई रुकावट ना हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके साथ ही नगर पालिका, वोलेंटियर एवं समाजसेवी सवारी के पीछे-पीछे साफ सफाई का भी ध्यान रखें। नगर पालिका इसके लिए सफाई दल लगाए, जो सवारी के पीछे लगातार साफ सफाई करता रहे। कलेक्टर ने सभी जनप्रतिनिधियों, समाज जनों से बैठक के दौरान आग्रह किया कि, स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित मिट्टी की मूर्तियां का प्रयोग करें। साथ ही अपने पड़ोसियों, मित्रों को भी मिट्टी की मूर्तियों का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें। हम सभी को प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों के उपयोग से बचना चाहिए। मिट्टी की मूर्तियां पर्यावरण के लिए हितेषी है और इनके उपयोग से समूह की महिलाओं को रोजगार भी प्राप्त होगा। नगर पालिका मूर्ति विसर्जन, पूजन सामग्री विसर्जन के लिए बेहतर व्यवस्था करें। इस बात का विशेष तौर पर ध्यान रखा जाए की, मूर्ति एवं पूजन सामग्री नदी तालाब में विसर्जित न हो।