भोपाल। जिले में अतिशेष 1115 शिक्षकों को अन्य स्कूलों में पदस्थ करने के लिए बुधवार को जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने नवीन कन्या हायर सेकंडरी स्कूल में काउंसिलिंग आयोजित की। इसमें अतिशेष सहायक शिक्षक और प्राथमिक शिक्षकों को बुलाया गया था, पर अतिशेष की सूची में विसंगति के चलते इतने दावे-आपत्ति आ गए कि उनका निराकरण करने के लिए डीईओ को प्राथमिक शिक्षकों की काउंसिलिंग टालनी पड़ी। अब इन शिक्षकों को गुरुवार को फिर से बुलाया गया है। जिससे शिक्षकों में गुस्सा है।
आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश के अनुसार बुधवार को प्रदेशभर में अतिशेष शिक्षकों के लिए काउंसिलिंग का आयोजन किया गया है। ताकि उन्हें च्वाइस के आधार पर उन स्कूलों में पदस्थ किया जा सके, जहां शिक्षकों की कमी है। काउंसिलिंग में सहायक और प्राथमिक शिक्षकों को बुलाया गया था। भोपाल की काउंसिलिंग में भी शिक्षक पहुंचे। इनमें सुदूर अंचल में पदस्थ महिला शिक्षक भी शामिल हुईं, जिनके नाम अतिशेष की सूची में हैं।
अतिशेष की सूची में विसंगति को लेकर मंगलवार को ही विभिन्न शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि आयुक्त लोक शिक्षण से मिले थे और उन्होंने सभी डीईओ को आदेश दिए थे कि पहले शिक्षकों के दावे-आपत्ति का निराकरण किया जाए। इसके बाद ही पदस्थापना की कार्यवाही की जाए। भोपाल की काउंसिलिंग में सहायक शिक्षकों ने सूची में विसंगतियों की भरमार गिना दीं। इतना ही नहीं, लगभग सभी शिक्षकों ने दावे-आपत्ति प्रस्तुत कर दिए। जिनका निराकरण करने के लिए डीईओ को प्राथमिक शिक्षकों की काउंसिलिंग एक दिन आगे बढ़ानी पड़ी।
शिक्षकों में नाराजगी
बैरसिया विकासखंड के नजीराबाद एवं उससे भी आगे से आई खासकर महिला शिक्षकों ने काउंसिलिंग एक दिन आगे बढ़ाने पर आपत्ति ली है। उनका कहना है कि 80 और 90 किमी दूर से आए और यहां कहा गया कि कल आना, यह गलत है। यदि डीईओ काउंसिलिंग से संबंधित सभी व्यवस्थाएं नहीं कर पा रहे थे, तो पहले बता देते, हमें दो दिन तो नहीं भागना पड़ता। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई और हमें भी दो दिन परेशान होना पड़ेगा।
संकुल प्राचार्यों की टीम कर रही परीक्षण
सूची में विसंगति को लेकर डीईओ ने संकुल प्राचार्यों की टीम गठित की है, जो अतिशेष शिक्षकों से प्राप्त दावे-आपत्तियों का परीक्षण कर उनका निराकरण कर रहे हैं। गुरुवार को भी यही प्रक्रिया रहेगी।