मंदसौर। कलेक्टर एवं बैंक प्रशासक अदिती गर्ग की अध्यक्षता में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की साधारण सभा की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर गर्ग ने बैंक अधिकारियों को निर्देश देते हुआ कहा कि वित्तिय वर्ष 2024-25 में बैंक के एन.पी.ए. में कमी की जाए एवं बैंक के अमानतदारों एवं ग्राहको को यू.पी.आई एवं इंटरनेट बैकिंग की फैसेलेटी उपलब्ध करवाई जाए। बैठक के दौरान सीईओ जिला पंचायत कुमार सत्यम एवं बैंक के अधिकारी उपस्थित थे।
बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एके हरसोला द्वारा बैठक में जानकारी देते बताया कि जिला बैंक मंदसौर विगत वर्षों में सतत रूप से विकास के पथ पर अग्रसर होकर प्रदेश में सहकारी क्षेत्र में अपनी अलग पहचान स्थापित कर रही हैं। बैंक को वित्तिय वर्ष 2023-24 में 4.39 करोड़ का लाभ हुआ है। 31 मार्च 2024 की स्थिति पर गतवर्ष की तुलना में बैंक के प्रमुख स्त्रोत अंशपूंजी 4.82 करोड़ से बढ़कर 89.17 करोड़, बैंक की निधियों 15.37 करोड़ से बढ़कर 141.78 करोड़, बैंक की अमानते 168.35 करोड़ से बढ़कर 1426.87 करोड़ एवं बैंक का ऋण वितरण 40.80 करोड़ से बढ़कर 1022.74 करोड़ हो गया है। बैंक की समस्त सहकारी संस्थाएँ कम्प्यूटरीकरण होने से सहकारिता आंदोलन को नई दिशा प्राप्त होगी। जिससे ग्रामीण क्षेत्र के अमानतदारों एवं कृषकों को भी सहकारी बैंक एवं संस्थाओं के माध्यम आसानी से बैंकिंग सुविधाऐं प्राप्त होगी। जिले में सहकारी संस्थाओं के माध्यम से मंदसौर जिले में 05 एवं नीमच जिले में 05 कुल 10 जन-औषधी केन्द्र प्रारंभ हो कर ग्रामीण क्षैत्र में भी जन सामान्य को कम दरों में जन औषधी उपलब्ध कराई जा रही है। बैंक की प्रगति एवं संस्थाओं की सेवाओं में खाद, बीमा इत्यादि बिन्दुओं पर विचार व्यक्त किया गया।