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August 30, 2024, 3:57 pm
KHABAR : किसान भाइयों की सोयाबीन फसल 7 हजार रुपए प्रति क्विंटल खरीदी जाए, अध्यक्ष मोना शर्मा ने कहा- भाजपा अपने जन्म से ही किसानों की हमेशा से कट्टर प्रतिद्वंदी रही है, पढ़े भगत मांगरिया की खबर 

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चीताखेड़ा। भारतीय जनता पार्टी अपने जन्म से ही धरती के पालनहार किसानों की हमेशा से प्रतिद्वंदी रही है। जब जब भी केंद्र एवं प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी है तब तब हमेशा से विशेष कर किसानों का शोषण भी किया है। किसान हितैषी जागरूक कांग्रेस मंदिर पुजारी प्रकोष्ठ प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष मोना शर्मा ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री मनमोहन यादव से मांग की है कि अन्नदाता किसान भाइयों की सोयाबीन फसल 7 हजार प्रति क्विंटल मूल्य किए जाएं। 

उक्त बात कांग्रेस मंदिर पुजारी प्रकोष्ठ प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष मोना शर्मा  ने किसान एवं आम जन विरोधी भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहां की जब जब किसान अपनी फसलों एवं सब्जियों के उचित मूल्य के लिए सड़कों पर उतरे हैं तब तब भाजपा सरकार द्वारा किसनों की वाजिब मांगे पूरी करने के बजाय दमनकारी नीति पर चलते हुए किसानों पर अत्याचार किया है। किसानों द्वारा जो खेती में फसलों के लिए जैसे खाद, दवाई, जुताई ,बुवाई, मजदूरी, पेट्रोल और डीजल आदि का उपयोग किया जाता है उनके दामों में काफी बढ़ोतरी हुई है, परंतु वर्तमान में मंडीयों में पीला सोना कहे जाने वाला सोयाबीन मात्र 3 से 4 हजार रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से ही बिक रहा है। शर्मा ने कहा कि मालवा निमाड़ में सोयाबीन पीला सोना के नाम से जाना जाता है परंतु यह सिर्फ एक कहावत मात्र हैं खरीफ सीजन में किसानों के द्वारा काफी मात्रा में सोयाबीन की मुख्य फसल बोई जाती हैं, परंतु पिछले कई वर्षों से सरकार की गलत नीतियों के कारण सोयाबीन उत्पादक किसानों को काफी निराश होना पड़ रहा है। फिलहाल मंडियों में सोयाबीन समर्थन मूल्य से भी कम मूल्य पर बिक रही है फसल का दाम वाजिब नहीं मिलने के कारण किसानों में काफी आक्रोश है। सोयाबीन के दाम 10 साल पहले की कीमतों पर पहुंच गए और लागत बढ़ गई है। शर्मा ने कहा कि मौसमी मार, जलवायु परिवर्तन, कीट प्रकोप,अति एवं अल्प वर्षा के कारणों से भी किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हर वक्त दिखाई देती है। किसानों के गेहूं के समर्थन मूल्य 4 हजार रुपए और सोयाबीन के 7 हजार रुपए प्रति क्विंटल होना चाहिए।

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