खरगोन। जिले के टांडा बरूड़ हाई स्कूल में सरकार ने नई शिक्षा नीति लागू की है पाठ्यक्रम में कई नहीं विषय जोड़े हैं ऐसा ही एक विषय है इलेक्ट्रॉनिक जिसके तहत हायर सेकेंडरी स्कूल के छात्र विकल्प विषय के रूप में इलेक्ट्रॉनिक विषय का चयन कर सकते हैं ताकि भविष्य में इलेक्ट्रॉनिक के क्षेत्र में रोजगार प्राप्त कर पाएं, लेकिन जब सरकार नीतियां बनाती है तो उसे उनके क्रियान्वयन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर भी उपलब्ध करवाना चाहिए इलेक्ट्रॉनिक विषय तो आया लेकिन सरकार उससे संबंधित शिक्षक उपलब्ध नहीं करवा पा रही है? जानकारी के अनुसार शिक्षक प्राइवेट कंपनी उपलब्ध करवाती है प्राइवेट कंपनी और शिक्षकों के बीच का मामला कोर्ट में होने से शिक्षक नहीं उपलब्ध होना बताया गया।अब सोचने वाली यह बात है कि 2 महीने बीत चुके हैं इस शिक्षा सत्र को शुरू हुए बच्चों ने विषय तो ले लिया, लेकिन उक्त विषय से संबंधित पठन सामग्री और शिक्षक ही उपलब्ध नहीं है और त्रैमासिक परीक्षाएं घोषित हो चुकी है अब बच्चों को चिंता सता रही है कि बिना पढ़े परीक्षा में क्या लिखेंगे वैसे वैसे तो यह स्थिति पूरे खरगोन जिले और राज्य में बताई जा रही है लेकिन हमने खरगोन जिले की टांडा बरुड़ बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से स्थिति जानी बच्चों ने दबी जुबान अन्य विषयों की पढ़ाई भी नाम मात्र की होने की बात कही लेकिन इलेक्ट्रॉनिक विषय की पढ़ाई तो बिल्कुल भी नहीं हो रही है अब ऐसे में छात्र,क्या पढ़ेंगे और क्या अपना भविष्य गड़ेंगे।