बालाघाट। एक दिवसीय प्रवास पर बालाघाट पहुंचे, प्रदेश के परिवहन और स्कूल शिक्षा और जिले के प्रभारी मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने शनिवार को सांसद निवास पर पार्टी नेताओं के साथ मुलाकात की। इसके बाद वह कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में शामिल हुए।
जिसमें शिक्षा, उपार्जन और अन्य विषयों की समीक्षा की। पहली बार प्रभारी मंत्री बनने के बाद बालाघाट पहुंचे मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कलेक्ट्रेट में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेने के बाद पत्रकारों से चर्चा की।
इस दौरान उन्होंने कहा कि बालाघाट में हर क्षेत्र में विकास की असीम संभावनाएं है। मुख्यमंत्री का लक्ष्य ही हैं कि हम विकास को राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर और स्थानीय स्तर पर प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि जिले में शुगर इंडस्ट्रीज की संभावनाएं है। किसान, गन्ना बोए तो यहां की सिंचाई का बेहतर उपयोग होगा।
धान का कटोरा कहे जाने वाले बालाघाट जिले में धान उपार्जन के बाद यहां भंडारण क्षमता की कमी को स्वीकार करते हुए उन्होंने कहा कि जिले में भंडारण की क्षमता नहीं है। वेयर हाउस के बढ़ाए जाने से ना केवल रोजगार मिलेगा, बल्कि शासन की स्कीम का लाभ भी मिलेगाा।
फर्जी सीबीएसई की मान्यता मामले में होगी कार्रवाई
प्रभारी मंत्री सिंह ने पत्रकारों के सवाल पर कहा कि सीएम राईज स्कूल में बस संचालन को लेकर हमने दो बार टेंडर निकाले। लेकिन, उसके उत्साह जनक परिणाम नहीं मिले। जिसके बाद हमने इसे स्थानीय स्तर पर बसों को तय करने के बारे में सोचा है। ताकि छोटे बस संचालकों को इसका फायदा मिल सके। पत्रकारों की समाज में भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि पत्रकारिता पारदर्शी हो तो उसकी भूमिका निर्णायक हो जाती है।
जिले के कुछ स्कूलों में फर्जी सीबीएसई की मान्यता मामले में उन्होंने कहा कि इस पर जुर्माना किया है, मान्यता रद्ध करने से यहां अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों की शिक्षा में व्यवधान होगा, लेकिन कार्रवाई होगी यह निश्चित है।
छिंदवाड़ा मॉडल पर बोले कमलनाथ वरिष्ठ नेता
एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि 15 दिन स्कूल शिक्षा विभाग, सभी स्कूलों की जांच के साथ ही शासन की शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की भी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को छिंदवाड़ा मॉडल से सीखने के दिए गए बयान पर कहा कि कमलनाथ वरिष्ठ नेता है, इसके बाद हंसकर उन्होंने चुप्पी साध ली।