चित्तौड़गढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) महेन्द्र सिंह सिसोदिया के निर्देशानुसार अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव सुनील कुमार गोयल द्वारा राजकीय सांवलियाजी चिकित्सालय, चित्तौड़गढ़ में संचालित सखी वन स्टॉप सेन्टर का निरीक्षण किया गया। सचिव गोयल ने केस रजिस्टर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दो महिलाएँ आवासित पाई गईं। प्रभारी नीतू जोशी ने बताया कि किसी भी हिंसा से पीड़ित महिला को अविलम्ब आश्रय एवं अन्य सहायता हेतु केन्द्र एक ही स्थान पर विभिन्न सुविधाएँ उपलब्ध करवाता है। जाति, धर्म, वर्ग, क्षेत्र, लैंगिक अभिविन्यास अथवा वैवाहिक स्थित के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता है। पीड़िता को 5 दिन तक भर्ती अवधि में आश्रय के साथ भोजन, आवास, दैनिक आवश्यकताओं आदि की पूर्ति की जाती है। महिलाओं को रोजगार दिलवाने में भी सखी केन्द्र की ओर से सहायता की जाती है। निरीक्षण से समय स्टाफ सुमन, पायल सेन, ममता बैरवा, सीमा राजोरा तथा जनसाहस संस्था केे मैत्री प्रोजेक्ट से रेहाना परवीन उपस्थित थीं। सचिव गोयल ने रेहाना परवीन से पीड़ित पक्ष के प्रतिकर से संबंधित वार्ता भी की। प्रभारी नीतू जोशी ने बताया कि महिला हिंसा सम्बन्धी समस्याओं के लिए केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार के तत्वाधान से सम्पूर्ण भारत वर्ष में सखी वन स्टॉप सेन्टर संचालित हैं तथा केन्द्र पर अभी तक 1085 महिलाओं को सहयोग दिया गया है। केन्द्र 24 घण्टे 365 दिन खुला रहता है तथा पारी के अनुसार कुशल परामर्शदाता, सुरक्षा कर्मी एवं हेल्पर सेवा देने को तत्पर रहते हैं। कोई भी महिला 181 या सम्बन्धित थाना या सीधे ही केन्द्र पर 01472294802 पर सम्पर्क कर केन्द्र की सेवा प्राप्त कर सकती हैं। गोपनीयता के साथ पीड़िता को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवायें उपलब्ध कराते हुये केन्द्र पर समस्या का समाधान कर महिलाओं का निरन्तर सहयोग किया जा रहा है।