कसरावद। देश भर के एक करोड़ कर्मचारियों की पुरानी पेंशन की मांग को नजर अंदाज कर सरकार द्वारा यूनिफाइड पेंशन स्कीम लागू करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें कर्मचारियों के वेतन का दस प्रतिशत जमा जो सेवानिवृत्ति पर वापस नहीं मिलने के प्रावधान सहित अनेक बिंदुओं पर देशभर का कर्मचारी यूपीएस से असहमत है, शासन की घोषणा के पश्चात नीति का अध्ययन करने पर असहमत होकर राष्ट्रीय कार्य समिति ने राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु के नेतृत्व में देश भर में 2 से 6 सितंबर तक काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन का निर्णय लिया है। इसी अभियान के तहत ब्लॉक स्तर पर ब्लॉक अध्यक्ष संतोष वर्मा,महिला मोर्चा ब्लॉक अध्यक्ष अर्चना एस्के,शीला पाटीदार,सरोज चौधरी भावना पाटल्या,संजय कर्मा,आदि शिक्षक कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर कार्य कर यूपीएस का विरोध किया।
यह जानकारी देते हुए एन एम ओ पी एस खरगोन के जिला प्रभारी दिनेश पटेल ने बताया कि यूनिफाइड पेंशन स्कीम में भी एनपीएस की तरह कर्मचारी का 10 प्रतिशत और सरकार की और से बड़े पैमाने पर राशि जमा होती है। सेवानिवृत्ति पर कर्मचारियों को उसकी एवं शासन की जमा राशी का भुगतान भी नहीं किया जाएगा। कर्मचारियों की मांग सिर्फ ओपीएस है और जब तक ओपीएस नही मिलता तब तक संघर्ष जारी रहेगा। साथ ही अध्यापकों की नियुक्ति 2018 में पुनः नियुक्ति कर वरिष्ठता शून्य कर दी गयी है, जिसकी मांग भी अध्यापक लंबे समय से कर रहे है। अगर अध्यापकों की वरिष्ठता बहाल नही हुई आगामी समय मे वरिष्ठता को लेकर भी बढ़ा आंदोलन मध्यप्रदेश में होने वाला है।