रतलाम। शिक्षक दिवस पर दो शिक्षकों को कलेक्टर राजेश बाथम ने निलंबित कर दिया। जिन्हें सजा मिली है उनमें एक शिक्षक जिला शिक्षा केंद्र में एपीसी मोबलाईजेशन के पद पर होकर आरटीई शाखा प्रभारी मुकेश राठौर हैं। दूसरे रतलाम जनपद शिक्षा केंद्र रतलाम विकासखंड स्त्रोत समन्वयक (बीआरसी) विवेक नागर हैं।
दरअसल अशासकीय शिक्षण संस्था संघ द्वारा आरटीई की राशि नहीं मिलने पर काफी समय से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। संघ द्वारा शिक्षक दिवस पर काला दिवस मनाते हुए जिला शिक्षा केंद्र में राधाकृष्णन की प्रतिमा के समक्ष धरना देने की चेतावनी दी थी। इस मामले की जानकारी कलेक्टर राजेश बाथम को लगी तो उन्होंने डीपीसी से जांच करने को कहा।
जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीसी) धर्मेंद्र सिंह ने भुगतान से संबंधित दस्तावेज व फाइलें चेक की। पता चला कि 14 अगस्त को ही समस्त अशासकीय (प्राइवेट) संस्थाओं के आरटीई संबंधित बिलो का भुगतान का अनुमोदन दिया जा चुका है।
लेकिन राज्य स्तरीय ऑनलाइन पोर्टल पर अभी भी 14 अशासकीय संस्थाओं का भुगतान लंबित दिखाया जा रहा है। जबकि विभाग के आरटीआई प्रभारी द्वारा भुगतान की नस्ती में कहीं भी इस तथ्य का उल्लेख नहीं किया।
डीपीसी धर्मेंद्र सिंह ने कलेक्टर को बताया कि एपीसी मोबलाईजेशन मुकेश राठौर जो आरटीई शाखा के प्रभारी है, उनके द्वारा उन्हें इस तथ्य की कोई जानकारी नहीं दी। चूंकि पिछले सप्ताह ही डीपीसी ज्वाइन हुए हैं। ऐसे में उन्हें किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी।
प्राइवेट स्कूलों की चेतावनी के बाद जांच की तो सामने आया कि 14 संस्थाओं (स्कूलों) के भुगतान होना शेष है। तब कलेक्टर ने एपीसी आरटीई शाखा प्रभारी मुकेश राठौर का उक्त कृत्य मप्र सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के विरुद्ध होकर अनुशासनात्मक कार्यवाही योग्य माना। कलेक्टर राजेश बाथम ने मुकेश राठौर को मूल पद उच्च माध्यमिक शिक्षक को मप्र सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9(1) (क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
बीआरसी नागर निलंबित
रतलाम विकासखंड स्त्रोत समन्वयक (बीआरसी) विवेक नागर को कलेक्टर राजेश बाथम ने निलंबित कर दिया है। नागर द्वारा पलसोड़ी के जनशिक्षक रमेशचंद्र बोरिया के साथ मारपीट की थी। 13 मार्च 24 को मारपीट किए जान पर पुलिस द्वारा मारपीट एवं एससी एसटी एक्ट में केस दर्ज किया था।
कोर्ट द्वारा 29 अगस्त से 2 सितंबर तक पुलिस अभिरक्षा में भेज दिया था। बाद में कोर्ट से जमानत मिल गई। 48 घंटे से अधिक अवधि तक न्यायिक अभिरक्षा में रहने पर निलंबन की कार्रवाई की। कलेक्टर ने मप्र सिविल सेवा नियम 1966 के नियम (1)(ख) एवं नियम 9 (2)(क) के तहत बीआरसी विवेक नागर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उक्त दोनों निलंबन कार्रवाई के आदेश गुरुवार रात को जारी हुए।