इंदौर। जिले में नागरिकों से अपील की गई है कि वे डेंगू से बचाव एवं सावधानियां रखें। बताया गया कि तेज गर्मी के बाद होने वाली वर्षा से लार्वा पनपने के लिए अनुकूल स्थितियां उत्पन्न होती हैं। वर्षा के बाद जल जमाव की स्थितियां होती है, ऐसी स्थिति में मलेरिया, डेंगू का प्रकोप बढ़ जाता है। डेंगू बीमारी एडीज नामक मच्छर के काटने से होती है। यह मच्छर साफ पानी से भरे टैंक, टायर, सीमेन्ट की टंकियों, मटके, बाल्टियों, कूलर, छत पर रखे अनुपयोगी सामान, टूटे-फूटे बर्तन, पानी से भरे पॉलीथिन में अपने अण्डे देता है, साथ ही साथ सीधे रखे खाली गमले, मटके एवं अन्य पानी से भरे बर्तन व सामान, कबाड़ियों द्वारा खुले में रखे गए सामान, पशुओं को पानी पिलाने के लिए रख गए हौज में भी एडीज के लार्वा पाए जाते हैं, जिसे आम जनता इसे पानी के कीड़े समझती है।
अपील की गई है कि इन्हें नष्ट करें, पानी को जमा न होने दें, उपयोग करने के पानी को अच्छी तरह से ढक कर रखें तथा उनमें एक छोटी चम्मच मीठा तेल डाले। बाहर गड्ढों तथा नालियों में जला हुआ तेल डाले। यह मच्छर दिन के समय काटता है, अतः पूरी बाहे वाले कपड़े पहने, रात के समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। घर में नीम की पत्तियों का धुआँ करें, मच्छर रोधी क्रीम व अगरबत्ती का प्रयोग करें। डेंगू के प्रकोप से बचने के लिए लार्वा तथा मच्छरों को नष्ट करने की कार्यवाही विभाग द्वारा सतत की जा रही है। आम जनता से अपील की गई है कि सप्ताह में एक बार घर में जल जमाव वाली जगहों का निरीक्षण कर जल निकासी करें तथा घर में कूलर आदि का नियमित अंतराल में पानी बदलते रहें। यदि कूलर का उपयोग नहीं कर रहें तो उसका पानी खाली कर के सूखा कर रखें, कूलर की घास को खुले में न फेंके, उसमें लार्वा के अण्डे रहते हैं, इसलिए उसे जला दें।