सीतामऊ। सीतामऊ में एक महिला द्वारा शिकायत दर्ज करवाई गई थी कि डॉ अनिल बरडिया द्वारा गर्भावस्था के दौरान उनका गलत इलाज किया गया और बाद में उनको इलाज करने से मना कर इलाज से सम्बंधित सभी दस्तावेज एवं जांचे फाड़ कर फेंक दी गई और महिला और उनके परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार और गाली गलौच किया गया।
जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर को हुई शिकायत के बाद एसडीएम शिवानी गर्ग द्वारा टीम गठित कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए थे। शनिवार को तहसीलदार पंकज गंगवार, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर वीके सुराहा, मेडिकल आफिसर अर्जुन अटोलिया सहित पुलिस बल सीतामऊ नगर में संचालित बरडिया क्लीनिक पर पहुंचे। कार्यवाही की भनक लगते ही डॉ सहित वहां कार्यरत स्टॉप कमरों को ताले लगाकर कहीं अन्य जगह निकल गए। जिसके बाद जांच दल द्वारा कमरों के ताले तोड़कर अंदर रखी दवाइयां सहित डॉक्टर द्वारा लिखी गई पर्चियां और अन्य दस्तावेज जप्त किये गए। स्वास्थ विभाग के अधिकारियों द्वारा डॉक्टर के परिजनों से लागतार आग्रह किया गया कि वह कमरों के लगे तालों को खोल दे ताकि विधिवत कार्यवाही की जा सके लेकिन परिजन लगातार चाबी नही होने की बात कहते रहे। उसके बाद विभागीय अधिकारियों द्वारा ताला तोड़कर सामग्री जप्त की गई और कुछ अन्य कमरो पर सीलबंद ताले लगाए गए ताकि अंदर रखे समान में कोई हेरफेर नही की जा सके।
डॉ वीके सुराहा के अनुसार डॉ अनिल बरडिया के पास एलोफेथिक इलाज करने के लिए कोई वैध डिग्री नही है। उसके बावजूद भी उनके द्वारा लोगो का एलोफेथिक पद्धति से इलाज किया जा रहा था, जिसकी शिकायत प्राप्त हुई थी। जांच दल के साथ मौके पर आकर देखा तो यहां भी एलोफेथिक दवाइयां सहित डॉक्टर बरडिया द्वारा लिखी पर्चियां ओर कई ऐसी चीजें मिली है जिससे यह प्रमाणित होता है कि डॉ बरडिया द्वारा ही मरीजों का इलाज किया जा रहा था। जिसको लेकर आज डॉक्टर अनिल बरडिया के क्लीनिक को सील करने की कार्यवाही की गई है।
कार्यवाही के दौरान लगातार आते रहे मरीज-
बिना डिग्री के एलोफेथिक इलाज कर रहे डॉ अनिल बरडिया के क्लीनिक पर 3 घण्टे चली कार्यवाही के दौरान लगातार उनसे उपचार करवाने वाले मरीज आते रहे जिसको डॉक्टर अर्जुन अटोलिया ने सरकारी हॉस्पिटल जाकर इलाज करवाने की सलाह दी और मरीजों के कथन दर्ज किये गए कि वे कबसे डॉक्टर अनिल बरडिया से उपचारित है और उनको कोन सी दवाइया डॉक्टर द्वारा दी गई थी।