भोपाल। इस साल मानसून ने मध्यप्रदेश में पेयजल, सिंचाई और बिजली उत्पादन को लेकर सारी चिंताएं खत्म कर दी हैं। डैम इतने भर चुके हैं कि गर्मी के सीजन में पेयजल को लेकर गंभीर हालात खड़े नहीं होंगे यानी गर्मी तक वाटर सप्लाई का इंतजाम हो गया है। रबी सीजन में गेहूं-चने के लिए भरपूर पानी मिलेगा। इस बार गिरे पानी से लाखों हेक्टेयर में फसलें भी लहलहाएंगी।
इंदिरा सागर, बाणसागर, तवा, बरगी, ओंकारेश्वर डैम अपनी कैपेसिटी के मुताबिक बिजली का उत्पादन भी कर सकेंगे। वहीं, कोलार, बरगी, तिघरा, यशवंत सागर, गंभीर डैम भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर जैसे बड़े शहरों की प्यास भी बुझा सकेंगे।
एमपी के बांधों की अच्छी तस्वीरें सामने आई हैं। प्रदेश में 60 से ज्यादा डैम हैं, जिनमें 15 बड़े हैं। इनमें से भी 14 फुल हो चुके हैं। सिर्फ मंदसौर का गांधीसागर ही ऐसा डैम है, जो पूरा नहीं भरा है। हालांकि, एक सप्ताह की तेज बारिश में ये डैम भी फुल हो जाएगा।
अभी मानसून की विदाई में 22 दिन बाकी बचे हैं। मौसम विभाग की मानें तो 11 सितंबर से बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो रहा है। इससे एक बार फिर पूरे प्रदेश में तेज बारिश का दौर शुरू होगा। ऐसे में गांधीसागर डैम फुल हो जाएगा, जबकि अन्य डैमों के गेट फिर खुल जाएंगे।