अशोकनगर। शाढ़ौरा के वार्ड नंबर 2 और 11 के 42 परिवारों को घर खाली करने के लिए नोटिस दिए गए। यह नोटिस तहसील की ओर से जारी किए हैं। जिसमें इन सभी लोगों की जगह को कृषि उपज मंडी की जगह होना बताया गया है। इसी के विरोध में मंगलवार को बड़ी संख्या में रहवासी कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे, जहां पर उन्होंने नायब तहसीलदार मयंक तिवारी को कलेक्टर के नाम उस जगह को आबादी में शामिल कराने की मांग का ज्ञापन दिया।
रहवासियों ने बताया कि जिन 42 लोगों को शासकीय जमीन पर रहना बताया गया है वह लोग बीते 80 वर्षों से उसी स्थान पर रह रहे हैं। इनमें से काफी लोगों के पास जमीन की रजिस्ट्री भी है। साथ ही उन्होंने कहा कि वह अपने भवन कर व बिजली बिल भी बाकायदा जमा करते चले जा रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने बताया कि बीते कुछ वर्षों में ही वहां के रहने वाले लगभग एक दर्जन से अधिक लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है। सब कुछ नियम अनुसार चल रहा था अब तक किसी भी प्रकार से जमीन सरकारी होने की बात सामने नहीं आई थी। लेकिन अचानक से उनके लिए नोटिस थमा दिए गए। आबादी में शामिल किए जाने हेतु नगर परिषद अध्यक्ष अशोक माहौर में भी अपने लेटर पैड पर आवेदन दिया है।ज्ञापन देने आए लोगों ने बताया कि उन्होंने अपनी जीवन भर की पूंजी वहां पर रहने के लिए घर बनाने में लगा दी। लेकिन अचानक से अगर उन्हें खाली कराए जाएंगे तो उनके रहने के लिए कोई जगह नहीं रहेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि इससे पहले जब प्रधानमंत्री आवास योजना की डीपीआर बनी, उस वक्त उस जगह को सरकारी नहीं बताया।
शाढौरा तहसीलदार सुनील भदोरिया ने बताया कि मंडी की ओर से सीमांकन करवाने के लिए पत्र आया था। उसी आधार पर सीमांकन किया गया। सीमांकन में जो अतिक्रमण में मकान आए हैं उनके लिए नोटिस जारी किया है। अगर यह लोग बरसों से रहने का कह रहे हैं तो तहसील में आकर आवेदन दे दें, उसे पर हम जांच कर कार्यवाही करेंगे।