देवास। शहर सहित जिले भर में ओर रेट (एमआरपी से ज्यादा मूल्य) की शराब बिक्री पर रोक लगाने पर आबकारी विभाग अब तक विफल साबित रहा है। छोटी से बडी शराब दुकानों पर ठेकेदार व आबकारी की मिलीभगत से हर प्रकार की शराब की बोतले मूल्य से अधिक रेट में बिक रही है। इसी मामले को लेकर शिवसेना जिलाध्यक्ष सुनील वर्मा मंगलवार को भरी जनसुनवाई में अलग-अलग मूल्य की शराब की बोतले बिल सहित लेकर कलेक्टर के पास पहुंचे। जहां उन्होंने मनमाने मूल्य में बिक रही शराब पर रोक लगाने की मांग करते हुए आवेदन भी सौंपा। वर्मा ने बताया कि देवास जिले के भोले भाले लोगों को शराब के ठेकेदार दोनो हाथों से लूटने पर लगे हुए है। आबकारी विभाग नाम मात्र की कार्यवाही करके इतिश्री कर लेता है। देवास जिले में लगभग 100 के आसपास शराब की दुकाने है। सहित जिले भर में स्थित समस्त दुकानों पर एमआरपी से अधिक मूल्य पर शराब बिक रही किसी भी दुकानों में एमआरपी पर ग्राहकों को शराब नही मिलती है।उक्त मामले को कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने भी संज्ञान में लेते हुए तत्काल संबंधित अधिकारी को कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की सामाजिक कार्यकर्ता सुनील वर्मा द्वारा ओवरराइटिंग के मामले मे बताया गया है उक्त मामले मे आबकारी विभाग को जांच के आदेश दिये गये। जांच सही पाने पर उक्त दुकानों पर कार्यवाही की जाएगी।