निम्बाहेड़ा। मध्यप्रदेश राजस्थान सीमा से उदयपुर तक जोड़ने वाली इस एमडीआर सड़क की सूध लेने वाले अधिकारी ही गंभीरता से नहीं ले रहे इस सड़क मार्ग को। जिसके चलते आए दिन लोगों को हादसों का शिकार होना पड़ रहा है। जिसमें निम्बाहेड़ा क्षेत्र व मध्यप्रदेश से आने वाले वाहन चालक मुख्यरूप से परेशान हैं। इस सड़क मार्ग पर रिपेयरिंग कार्य ओर सड़क सेफ्टी कार्य करवाए मानों बरसों हो गए। 40किलोमीटर के रोड़ पर कहीं भी साइड पटरिया सुरक्षित नहीं है तो प्रत्येक गांव में सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बनें हुए हैं। रास्ते में सभी गांवों में नालियों का निकासी पानी भी सड़क पर फ़ैल रहा है जिसे देखने वाला जिम्मेदार अधिकारी कोई नहीं।
इसी उदासहीनता के चलते मार्ग पर इतने गड्डे हो रहें हैं, वर्ना अधिकारी अपनी जवाबदेही समझते तो पानी निकासी को लेकर प्रत्येक गांव पंचायत को उचित निर्देश देकर समाधान करवाया जा सकता था लेकिन विभाग को मानों सिर्फ इस रोड़ से राजस्व आय के अलावा कोई लेना-देना नहीं ऐसा प्रतीत हो रहा है। ’दुसरी ओर बार बार टोल वसुली को लेकर टेंडर प्रक्रिया भी इस ओर इशारा कर रही है कि जेसे भी हो टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर टोल वसुला जाएं जबकि कई वर्षों से टोल वसूली अनवरत अब तक जारी है। बता दें कि इस रोड़ पर अनगिनत रोड़ हादसें हो चुके हैं वहीं कई लोग अपनी जानें गंवा चुके हैं बावजूद इसके नातों इस एमडीआर सड़क को सरकार गंभीरता से लें पाई है नाही विभाग के अधिकारियों ने इस पर रिपेयरिंग करवाई है साथ ही रोड पर सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यकता अनुसार संकेतक बोर्ड तक नहीं लगे हुए हैं।
अब सवाल यह उठता है कि आम आदमी को इन गड्ढों में कितनी बार गिरना और उठना पड़ेगा यह भविष्य के गर्त में है। इधर इस मार्ग पर फास्टेग द्वारा टोल वसूली शुरू होने के बाद कई लोग ठगी का शिकार भी हो रहे हैं क्योंकि जो वाहनधारी उदयपुर जाते समय वापसी की नगद रसीद भी एक साथ कटवाते हैं उन वाहनों का वापसी के समय भी टोल फास्टेग द्वारा काट लिया जाता है। वहीं दूसरी ओर बडो़लीमाधोसिंह से धिनवा की ओर जाने वाली ग्रामीण संपर्क सड़क पर भी लम्बे समय से अवैध रूप में टोल वसूला जानें कि जानकारी भी मिल रही है।