चित्तौड़गढ़। मरूधरासिंहनी नानू चिकित्सा सेवा समिति की बैठक में नानू नवकार भवन के लोकार्पण से संबंधित निर्णय लिया गया और इस हेतु सेंथि निवासी समाजसेवी धर्मनिष्ठ सुश्रावक विमल कोठारी की सहमति प्राप्त की गई।
प्रवचन के पश्चात लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। जिसमें स्थानीय संघ के सदस्य गण एवं विभिन्न संघों के प्रतिनिधि गण तथा बाहर से अतिथिगण उपस्थित रहे। अतिथिगण एवं स्थानीय अध्यक्ष को बहुत ही सम्मान के साथ मँचासिन कराया जाकर शाल, माला एवं मेवाड़ी पगड़ी से उनका स्वागत किया गया। इसी क्रम में उद्धाटन कर्ता विमल कोठारी एवं उनकी धर्मसहयिका श्रीमती निर्मला कोठारी एवं परिजनों का स्वागत सम्मान किया गया। तत्पश्चात समिति अध्यक्ष रतन लाल भड़कत्या ने स्वागत उद्बोधन दिया। मंत्री इंद्रेश कोठारी ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। लोकार्पण समारोह को नेमिचंद कोठारी, शांतिलाल कोठारी, हेमंत कोठारी, अशोक बाफना, श्रीमती लीला कोठारी, इंद्रेश कोठारी, विमल कोठारी एवं सुरेश लोढ़ा ने सम्बोधित किया। बाद में सभी ने साध्वी रत्ना राजश्री म सा से मंगल पाठ सुना एवं बाद में उदघाटन पट्टिका का अनावरण उदारमना कोठारी परिवार के कर कमलों से सम्पन्न हुआ। गांधीनगर स्थित नानू नवकार भवन में चातुर्मासिक प्रवचन करते हुए शांतक्रांति संघ की विदूषी महासती शीलप्रभा ने कहा कि मरुधरासिंहनी नानुकंवर म सा शांतक्रांति संघ की आन बान शान के रुप में जाने जाते हैं। इनकी विलक्षण प्रतिभा की वज़ह से गणेशाचार्य जी ने इनको मरुधरासिंहनी के अलंकार से अलंकृत किया वहीं बड़े महाराज गणधिपति शांतिमुनि म सा ने उन्हें महाश्रमणि रत्ना एवं जिनशासन विभूति के सम्मान से सम्मानित किया। ऐसी त्यागी तपस्वी गुरुणी मैया का संथारा सहित देवलोक गमन इसी चित्तौड़गढ़ की धरा पर हुआ। उनकी याद को चिरस्थाई बनाने के लिए गांधी नगर चित्तौड़गढ़ में नानू नवकार भवन का निर्माण कराया गया जहां वर्तमान में शांतक्रांति संघ नायक आचार्य विजयराज म सा के अज्ञानुवर्ती साध्वी रत्ना राजश्री म सा आदि ठाणा 5 का मंगल चातुर्मास गतिमान है।