उज्जैन। विक्रम विश्वविद्यालय की स्थापना के 68 वर्ष पूर्ण होने पर रविवार को आधारशिला दिवस मनाया गया। स्वर्ण जंयती सभागृह में आयोजित संगोष्ठी में भोपाल से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ऑनलाइन शामिल हुए।
उन्होंने कहा- भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली पर स्थित विक्रम विश्वविद्यालय की गौरव गाथा को विद्यार्थियों के बीच प्रचारित करें। जिससे विद्यार्थियों को भी जानकारी मिले कि वे किस महान विश्वविद्यालय में अध्ययन कर रहे हैं। विश्वविद्यालय को और ऊंचाईयों पर ले जाने के लिए सभी का प्रयास जरूरी है।
विश्वविद्यालय की स्थापना के 68 वर्ष पूर्ण हुए
68 वर्ष पूर्व विश्वविद्यालय की आधारशिला 23 अक्टूबर 1956 को रखी गई थी। जिसके तहत आयोजन कार्यक्रम में रविवार को सुबह सबसे पहले सम्राट विक्रमादित्य के मूर्तिशिल्प पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इसके बाद विश्वविद्यालय की नींव रखने वाले श्लाका पुरुषों को नमन किया गया। इसके बाद स्वर्ण जयंती सभागार में संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
जिसमें मुख्य अतिथि हैदराबाद के आध्यात्मिक मिशन के ग्लोबल हेड व आध्यात्मिक गुरु कमलेश भाई पटेल व विशिष्ट अतिथि साहित्यकार पद्मश्री डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने की। इसके पूर्व छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति भी दी।
ये अतिथि रहे मौजूद
इस मौके पर कार्यपरिषद सदस्य राजेश सिंह कुशवाह, कुलसचिव डॉ. अनिल शर्मा, प्रोक्टर प्रो. शैलेंद्र कुमार शर्मा, डीएसडब्ल्यू डॉ. एसके मिश्र, प्रो. जीके शर्मा, डॉ.रमण सोलंकी, वित्त अधिकारी जेएस तोमर, उप कुलसचिव डॉ. रविशंकर सोनवाल सहित मौजूद थे।