मंदसौर। मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर की वार्षिक कार्ययोजना वर्ष 2024-25 के अनुपालन तथा माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंदसौर कपिल मेहता के मार्गदर्शन में तथा जिला न्यायाधीश/ सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंदसौर सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में जवाहरलाल नेहरू विधि महाविद्यालय मंदसौर में मूल अधिकार एवं मूल कर्तव्य विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिद्धार्थ तिवारी द्वारा भारतीय संविधान में बताया कि मूल अधिकार भारतीय संविधान के तहत नागरिकों को दिए गए विशेष अधिकार हैं जो उनके सम्मानजनक जीवन और स्वतंत्रता को सुनिश्चित करते हैं। इनमें जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार, समानता का अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार, और शोषण के विरुद्ध अधिकार शामिल हैं। ये अधिकार संविधान के भाग 3 में उल्लिखित हैं और नागरिकों को न्यायालय में जाने का हक भी प्रदान करते हैं अगर इनके उल्लंघन का मामला सामने आता है। उन्होंने माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा की विभिन्न न्याय दृष्टांत के माध्यम से विषय को सहज एवं सरल भाषा में समझाया। इसके अतिरिक्त उन्होंने मूल कर्तव्य विषय के बारे में बताया कि मूल कर्तव्य 42वें संविधान संशोधन (1976) के तहत जोड़े गए है । नागरिकों के लिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि वे देश की एकता, अखंडता और संस्कृति की रक्षा करें, संविधान का पालन करें, और पर्यावरण की रक्षा सहित अन्य सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाएं। ये कर्तव्य नागरिकों के अधिकारों के साथ संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय की ट्रस्टी सेवानिवृत न्यायाधीश रघुवीर सिंह चुंडावत, जिला विधिक सहायता अधिकारी प्रवीण कुमार, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ विनोद पाटीदार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉक्टर राजेश कौशिक द्वारा किया गया।