नीमच। स्वतंत्रता दिवस 2024 के एक दिवस पूर्व ग्रह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा कार्य-क्षेत्र में अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन करने वाले पुलिस कर्मचारियों/अधिकारियों को राष्ट्रपति वीरता पदक प्रदान किए जाने संबंधी उद्घोषणा जारी की। उक्त उद्घोषणा में पुलिस अधीक्षक बड़वानी पुनीत गेहलोद (भापुसे) को बालाघाट में अपनी पदस्थापना के दौरान अदम्य साहस प्रदर्शित करने पर वीरता पदक से सम्मानित किया गया है।
मध्य प्रदेश पुलिस की नक्सल उन्मूलन हेतु गठित विशेष इकाई हॉक फ़ोर्स के कमांडेंट के रूप में पुनीत गेहलोद ने नवंबर 2022 को बालाघाट ज़िले के सुपखार जंगली क्षेत्र में एक नक्सल एनकाउंटर में 49 लाख के इनामी दो कुख्यात नक्सलियों राजेश वज्जाम (एसीएम रैंक) और गणेश मड़ावी (डीवीसीएम रैंक) को मार गिराया था।
तत्कालीन हॉक फ़ोर्स कमांडेंट पुनीत गेहलोद के नेतृत्व में हॉक फ़ोर्स की टीम जंगल सर्च अभियान में निकली थी, तभी उनकी टीम पर दो दर्जन से अधिक नक्सलियों ने गोलीबारी करते हुवे हमला कर दिया था।
पुलिस कप्तान ने सूझबूझ का परिचय देते हुवे ना सिर्फ़ अपनी टीम को नक्सली हमले से बचाया, बल्कि वीरता के साथ उनका मुक़ाबला किया और जवाबी फायर किए। क़रीब तीन घंटे तक चली इस मुठभेड़ में जहां एक ओर दो कुख्यात नक्सलियों को मध्य प्रदेश पुलिस के जाँबाज़ जवानों ने मार गिराया वहीं दूसरी ओर एक भी पुलिस जवान को घायल नहीं होने दिया। साथ ही मारे गये नक्सलियों एवं खदेड़े गये उनके साथियों से भारी मात्रा में हथियार, गोला बारूद और नक्सल दस्तावेज भी ज़ब्त किए जिनमे नक्सली टीम के कुख्यात कमांडर गणेश मड़ावी की। एके47 राइफल भी ज़ब्त की गई।
उक्त नक्सल एनकाउंटर में हॉक फ़ोर्स की टीम का कुशल नेतृत्व करने, अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन करने, अपनी टीम को प्रथम पंक्ति में खड़ा रहकर प्रोत्साहित करने और सभी साथियों को सकुशल रखते हुवे 49 लाख के दो इनामी कुख्यात नक्सलियों को मार गिराने पर तत्कालीन हॉक फ़ोर्स कमांडेंट और वर्तमान में बड़वानी ज़िले के पुलिस कप्तान पुनीत गेहलोद को आज दिनांक 14 अगस्त 2024 को ष्वीरता पदकष् से सम्मानित किया गया है।