भोपाल। मध्यप्रदेश में खाद की किल्लत और कालाबाजारी रोकने के लिए नियम बनाया गया है। गोदामों से अब टोकन पर ही खाद दी जाएगी। विपणन संघ के गोदामों से टोकन पर ही खाद दी जाएगी। निजी क्षेत्र के उर्वरक विक्रय केंद्रों की भी निगरानी की जाएगी ताकि कोई गड़बड़ी न हो। जिस जिले में पहले बोनी होगी उसमें पहले खाद मिलेगा। ग्वालियर चंबल में पहले खाद मिलेगी। पिछले वर्ष की तुलना में रबी सीजन में अधिक खाद मिली है। दो दिसंबर से धान का उपार्जन होगा। धान का उपार्जन के लिए 7.85 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है।
किसानों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना ने कहा है कि किसानों को खाद के लिए चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। राज्य सरकार के पास भरपूर मात्रा में खाद उपलब्ध है। किसानों को खाद के लिए किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी दी जाएगी। किसानों को व्यवस्थित तरीके से खाद का वितरण कराया जाएगा। रबी मौसम 01 अक्टूबर से 31 मार्च तक का होता है, जिसमें उर्वरक मंत्रालय, भारत सरकार व्दारा माह वार कंपनी वार उर्वरक का आवंटन जारी किया जाता है। जिसके अनुसार कंपनियां उर्वरक प्रदेश में प्रदाय करती है।
6.13 लाख मे.टन स्टॉक में उपलब्ध
प्रदेश में रबी फसलों की बोनी 1 अक्टूबर से 30 दिसंबर के मध्य होती है। सर्वप्रथम चंबल एवं ग्वालियर संभाग में बोनी होनी है। बोनी की प्राथमिकता एवं जिले में उपलब्ध स्टॉक को ध्यान में रखकर उर्वरक व्यवस्था की जा रही है। विगत वर्ष 1 अक्टूबर 2023 से 31 मार्च 2024 तक 18.82 लाख मैट्रिक टन यूरिया का विक्रय हुआ था। भारत सरकार द्वारा रखी 2024 हेतु 22.00 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्रदाय करने की सहमति प्रदाय की गई है।माह अक्टूबर 2023 में यूरिया का विक्रय 4.67 लाख मे. टन हुआ था, जिसके विरूध्द अक्टूबर माह में 8.53 लाख मीट्रिक ट्रांजिट सहित उपलब्ध है, जिसमें से 2.40 लाख मे.टन यूरिया का विक्रय हुआ है. 6.13 लाख मे.टन स्टॉक में उपलब्ध है।
मांग अनुसार रैक उपलब्ध कराई जा रही
विगत वर्ष 1 अक्टूबर 2023 से 31 मार्च 2024 तक डीएपी एनपीके 10.36 लाख मैट्रिक टन का विक्रय हुआ था। भारत सरकार द्वारा रबी 2024-25 हेतु 14.00 लाख मैट्रिक टन का आवंटन दिया गया है। माह अक्टूबर 2023 में डीएपी एनपीके का विक्रय 437 लाख मे.टन हुआ था, जिसके विरूद्ध अक्टूबर माह में 5.58 लाख मे.टन ट्रांजिट सहित उपलब्ध है. जिसमें से 2.20 ताख मे.टन डीएपी एनपीके का विक्रय हुआ है, 3.36 लाख मे.टन डीएपी एनपीके स्टॉक में उपलब्ध है। अभी माह अक्टूबर में 08 दिन शेष है, जिसमें निरंतर यूरिया, डीएपी एनपीके की रेक प्राप्त हो रही है। जिलों की मांग अनुसार रैक उपलब्ध कराई जा रही है।
निगरानी करने के निर्देश
जिलों की मांग एवं विक्रय की स्थिति को ध्यान में रखकर रेक की प्लानिंग की जा रही है। प्राप्त रेक से मांग एवं विक्रय के अनुसार विपणन संघ व्दारा डबल लॉक केन्द्रों में उर्वरकों का भंडारण कराया जा रहा है। डबल लॉक केन्द्रों पर टोकन द्वारा वितरण करने हेतु निर्देश दिये गये हैं। जिस अनुसार वितरण कराया जा रहा है। निजी क्षेत्र के उर्वरक विक्रय केन्द्रों पर सतत् निगरानी करने के निर्देश दिये गये है।