धार। संभागायुक्त दीपक सिंह द्वारा इंदौर में गत दिनों राजस्व अधिकारियों की ली गई बैठक परिणाम मूलक बन रही है। इस बैठक में कलेक्टर अपर कलेक्टर, एसडीएम से लेकर तहसीलदार और नायब तहसीलदार स्तर के अधिकारी मौजूद रहे। इससे वरिष्ठ स्तर से दिए जाने वाले निर्देशों का स्पष्ट रूप से प्रसारण मैदानी स्तर तक संभव हुआ। बैठक की ख़ास बात यह भी रही कि संभागायुक्त सिंह द्वारा राजस्व प्रकरणों में होने वाली न्यायालयीन त्रुटियों के संबंध में भी व्यवहारिक रूप से प्रशिक्षण दिया गया। यही नहीं माननीय उच्च न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले प्रकरणों में जो विसंगतियां रहती हैं, उसके संबंध में भी संभागायुक्त द्वारा मार्गदर्शन दिया गया। विभिन्न न्यायालयीन प्रकरणों में समन्वय करने वाले लिटिगेशन कार्यालय को सशक्त बनाने का निर्णय भी इस बैठक में हुआ। दीपावली त्योहार में पटाखों और ज्वलनशील सामग्री के बेहतर संधारण और इस संबंध में एसओपी के पालन के लिए संभागायुक्त सिंह द्वारा विस्फोटक विशेषज्ञ शरद सरवटे को भी बैठक में बुलाकर उनके द्वारा प्रशिक्षण प्रदान कराया गया।
संभागायुक्त सिंह ने समस्त कलेक्टर एवं राजस्व अधिकारियों को राजस्व महाभियान 2.0 की सफलता के लिए बधाई दी गई एवं नक्शा तरमीम और खसरा लिंकिग के शेष कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने इंदौर एवं बडवानी जिलों में एक वर्ष से अधिक एवं दो से पांच वर्ष के लंबित राजस्व प्रकरणों को विशेष अभियान चलाकर आगामी दो महीनों में शत प्रतिशत निराकरण किए जाने के निर्देश दिए हैं। संभाग के समस्त जिलों में रबी की फसल के बोनी के पूर्व सीमांकन के लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान प्रांरभ किया जाकर सीमांकन के लंबित प्रकरणों में सीमांकन कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नक्शा तरमीम के लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए और अधिक प्रयास करने के निर्देश दिए। इंदौर, धार, खण्डवा, खरगोन जिले सीएम हेल्पलाईन के अपेक्षाकृत अधिक प्रकरण पाये जाने पर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कराये जाने पर चर्चा भी हुई। इन सब निर्देशों और फैसलों से किसानों और आम आदमी को फायदा मिलेगा।