भोपाल। मध्यप्रदेश में बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर नेताओं में आरोप-प्रत्यारोप जारी है। इसी कड़ी में राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि दोनों ही चुनाव में मुद्दे अलग है। बुधनी में शिवराज सिंह चौहान के सीट छोड़ने पर चुनाव हो रहा है। बुधनी में कांग्रेस विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है। इसके साथ ही बुधनी में बीजेपी के अंदर घमासान ही मचा हुआ है जिसका कांग्रेस को फायदा मिलेगा, वहीं विजयपुर में दल बदल करने पर चुनाव हो रहा है। मेरे दूसरे देशों में भी मित्र हैं किसी देश में ऐसा नहीं होता है कि लोग अपनी आईडियोलॉजी वाली पार्टी को छोड़कर दूसरी पार्टी में चले जाएं और चुनाव लड़ें, ऐसे में वहां चुनाव विचारधारा का है। दोनों की जगह जनता कांग्रेस के साथ खड़ी है, हम दोनों चुनाव में करेंगे जीत दर्ज।
बीजेपी ने किया पलटवार
विवेक तनखा के बयान पर मंत्री विश्वास सारंग ने पलटवार किया है। कहा- कांग्रेस के इतने वरिष्ठ नेता कांग्रेस क्यों छोड़ रहे हैं ये शोध का विषय है। कांग्रेस को अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए। ये शोध का विषय है कि कांग्रेस के इतने बड़े तबके के लोग क्यों जा रहे है। ये सभी कांग्रेस में वरिष्ठ नेता है, उन्होंने कांग्रेस को सींचा है। रामनिवास रावत भी उनमें से है जिन्होंने कांग्रेस को सींचा। ऐसे क्या हालात बने, ऐसे क्या कांग्रेस की विचारधारा में दिक़्क़त आयी वरिष्ठ नेताओं को कांग्रेस छोड़ने पड़ी।उसके कारण ये था कि कथनी और करनी में कांग्रेस की अंतर है।
कांग्रेस को अपना आत्म अवलोकन करना चाहिए
चुनाव के समय वो कहते कुछ हैं और हर दिन कुछ करते कुछ और है। जो ध्यान रखते हैं जो जनता के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हैं। कांग्रेस देश तोड़ने वाले राजनैतिक दल है, देश तोड़ने वाले राजनैतिक दल में अगर कोई देश प्रेमी ही रहेगा तो वो ज़्यादा देर नहीं रह सकता। रामनिवास रावत ने देश से प्रेम किया है इसलिए उन्हें लगा कि कांग्रेस तोड़ना चाहती है, इसलिए उन्होंने कांग्रेस को छोड़ा। दूसरे पर सवाल उठाने से पहले, कांग्रेस को पहले अपना आत्म अवलोकन करना चाहिए।