मुरैना। त्यौहार आते ही दूध, पनीर, मावा, घी, तेल, मिठाईयों से लेकर मसाले तक में मिलावट हो रही है। मुरैना जिले से मिलावटी दुग्ध पदार्थ ग्वालियर, आगरा, दिल्ली जैसे महानगरों तक सप्लाई हो रहे हैं। शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्र में मिलावटखोर सक्रिय हैं। रात के समय हाईवे के रास्ते मिनी लोडिंग और सवारी बसों के जरिए मिलावटी सामान सप्लाई किया जा रहा है। त्योहार पर मिलावट के मामले बढ़ते देख, खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें भी हर ब्लाक स्तर पर सक्रिय हो गई हैं। शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवनीश गुप्ता ने मुरैना में राकेश नमकीन के यहां से नमकीन के सेंपल लिए और इसके बाद चित्रकूट मिष्ठान भंडार के मिठाई प्लांट से घी, बर्फी, मोतीचूर के लड्डू के सेंपल लिए। इसके अलावा मिलावट पाए जाने पर दो दुकानों के लाइसेंस भी खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा निलंबित किए गए हैं। मुरैना के अलावा अंबाह, पोरसा, कैलारस, जौरा, सबलगढ़ में भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों द्वारा सेंपलिंग के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इससे मिलावट का ग्राफ कम नहीं हो रहा। मुरैना जिले से बनाई जा रही मिलावटी दूध की मिठाइयां कहें या इसे मीठा जहर कहें तो अतिशयोक्ति नहीं होगी, मिलावट खोर अधिक पैसा कमाने के लालच में प्रदेश ही नहीं अन्य राज्यों में भी मिलावटी मावा पनीर खोया भेज रहे हैं, मिलावटी दूध से बनी मिठाइयां लोगों के स्वास्थ्य जीवन में मीठी जहर का काम करते है इस समय कई कारखाने एवं दुकानों पर मिलावटी मावा से बनती मिठाइयां देखी जा सकती हैं, मिलावट खोरी की वजह से मुरैना जिला मिलावट के मामले में चर्चाओं में रहता है प्रशासन की ओर से की जा रही सैंपलिंग या करवाई कितने हद तक मिलावट खोरों पर अंकुश लगा सकती है यह समय ही बताएगा।