रतलाम। जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम मोरदा में कभी पानी को लेकर गंभीर समस्या थी किंतु जल जीवन मिशन की योजना से अब गांववासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ गया है। पूर्व में गांव में जब योजना नहीं थी, गांववासियों को सिंगल फेस ट्यूबवेल पर मोटर लगाकर छतो के ऊपर पाइप का जाल बिछाकर घर-घर तक पानी ले जाने के लिए अच्छी खासी मशक्कत करनी पड़ती थी। हर व्यक्ति अपना नंबर आने का इंतजार करता था।
मोटर खराब हो जाने पर घर से दूर लगे हैंडपंप से पानी लेने के लिए महिलाओं को जाना पड़ता था किंतु शासन की जल जीवन मिशन नल जल योजना का क्रियान्वन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा किया जाकर गांव में एक उच्च स्तरीय 75 हजार लीटर क्षमता की टंकी, 20 हजार लीटर का संपवेल निर्मित किया गया। पूरे गांव में पाइप लाइन बिछाकर 350 से अधिक घरों को क्रियाशील नल कनेक्शन के माध्यम से जोड़ा गया। अपने घर के आगे नल कनेक्शन लगने से गांव की वृद्ध महिला गंगाबाई चंद्रवंशी इतनी खुश है कि अपने आंगन में लगे नल स्टैंड को साफ सुथरा रखती है एवं रोज दिया अगरबत्ती लगाकर पूजा भी करती है।
ग्राम की सरपंच राजकुवर चैनसिंह गुर्जर भी नल जल योजना से लोगों के जीवन में आ रहे बदलाव की साक्षी है, वे बताती है कि यह योजना बहुत अच्छी है। योजना का संचालन संधारण ग्राम पेयजल स्वच्छता समिति के सदस्य मिलकर करते हैं एवं नल चालक बापूसिंह गुर्जर नियमित रूप से नल का संचालन करते हैं। जिला जल सलाहकार आनंद व्यास ने बताया कि गांव में योजना के पेयजल स्रोत को साफ सफाई कर जल मंदिर के रूप में बनाया गया है। निरंतर यहां पर जागरूकता की गतिविधियां आयोजित की जाती है एवं समय-समय पर बैठक कर लोगों को जल संरक्षण एवं नल पर टोटिया लगाने व जल को व्यर्थ ना बहने के लिए प्रेरित किया जाता है एवं जल गुणवत्ता की जांच का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उपयंत्री अर्पित चत्तर भी गांववासियों को तकनीकी पहलू की जानकारी देते है। जल जीवन मिशन की इस योजना से खुश होकर ग्रामवासियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव को बहुत-बहुत धन्यवाद दिया।