चित्तौड़गढ़। संतानों को संपत्ति देने से विल बनेगी और संस्कार देने से गुडविल। संतानों को संपत्ति नहीं संस्कार देकर जाएं। ये विचार राम स्नेही संत दिग्विजय राम महाराज ने रविवार 27 अक्टूबर को खामका बालाजी मंदिर प्रांगण में श्री बड़ा पालीवाल समाज विकास संस्थान चित्तौड़गढ़ द्वारा आयोजित वरिष्ठ जन एवं प्रतिभावान छात्र-छात्रा सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आशीर्वचन देते हुए व्यक्त किये। उन्होंने भगवत भक्ति, वर्तमान में शिक्षा की दिशा, जीवन में धर्म के महत्व को बताया एवं 18 पुराणों का सार एक श्लोक में बताया। सभी सुखों के बारे में बताते हुए कहा कि चिकित्सक तन को स्वस्थ रखते हैं किन्तु मंदिर व संत मन को स्वस्थ रखते हैं।
सचिव प्रदीप पुरोहित ने बताया कि कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ सर्जन डॉ. श्यामसुंदर पुरोहित नाथद्वारा, वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. रमेश पुरोहित गीतांजलि हॉस्पिटल उदयपुर, वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. अंतरिक्ष जोशी पेसिफिक हॉस्पिटल उदयपुर, डॉ हरिहरानंद शर्मा, प्राचार्य, संस्कृत कॉलेज कांरूडा, हगामी लाल पुरोहित अध्यक्ष, राजसमंद उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान अध्यक्ष भेरुलाल पुरोहित ने की।
कार्यक्रम में अतिथियों ने 65 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार दिए गए एवं 20 वरिष्ठजनों का सम्मान किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष शोभा लाल पालीवाल, सचिव प्रदीप पुरोहित, कोषाध्यक्ष प्रेम नारायण पालीवाल, आजाद पालीवाल, संदीप पुरोहित, पीयूष पुरोहित, हिमांशु पुरोहित, रामचंद्र पुरोहित, दुर्गाशंकर जोशी, चंद्रशेखर पुरोहित, शंकरलाल पालीवाल, प्रकाशचंद्र पुरोहित, नरेश पालीवाल, ऋतुराज पालीवाल, प्रेमप्रकाश पुरोहित, रमेशचंद्र पुरोहित, बंसीलाल पालीवाल, उमेश पालीवाल, प्रियंका पालीवाल, डॉ रूचि पुरोहित सहित युवा साथी, महिलाएं, बच्चे एवं समाजजन उपस्थित थे।