शाजापुर। जिला मुख्यालय पर स्कूल वाहनों के द्वारा बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। गाड़ी की क्षमता से ज्यादा बच्चे ठोस-ठोस कर बैठाए जा रहे हैं। यह न केवल बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरनाक है, बल्कि यह नियमों का भी उल्लंघन है।
स्कूल वाहनों की लापरवाही के कारण-
- गाड़ी की क्षमता से ज्यादा बच्चे बैठाए जा रहे हैं।
- बिना कागज़, बीमा और फिटनेस के स्कूल वाहन संचालित हो रहे हैं।
- तेज गति से वाहन दौड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं।
- ड्राइवर की लापरवाही और पुराने वाहन होने के कारण स्कूल वाहन दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।
अधिकारियों की लापरवाही-
परिवहन विभाग अधिकारी के द्वारा करवाई तो की जा रही है, लेकिन उन वाहनों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है जिन पर करना चाहिए। शाजापुर कलेक्टर रिजु बाफना के द्वारा परिवहन विभाग अधिकारी को एक लिस्ट भी जारी की गई थी, लेकिन लिस्ट जारी होने के बाद भी वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।
सवाल उठते हैं-
जब अधिकारियों को पता है कि शहर में धडलकेसे बिना कागज के स्कूल वाहन संचालित हो रहे हैं, तो फिर उन पर अधिकारी कार्रवाई क्यों नहीं कर पा रहे हैं? क्या अधिकारी शहर में किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? यह सोचने वाली बात है कि अधिकारियों के सामने स्कूल वाहनों का आना-जाना लगा ही रहता है, लेकिन अधिकारियों को इतनी फुर्सत नहीं कि वह इन गाड़ियों को चेक कर इन पर कार्रवाई करें।