BREAKING NEWS
KHABAR : एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत कलेक्टर.. <<     KHABAR : नारकोटिक्स नियंत्रण के लिए सभी विभाग.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मन्दसौर.. <<     KHABAR : जुलाई माह की इस तारीख तक मिलेगा स्नातक और.. <<     BIG REPORT : पदोन्नति के साथ बढ़ी जिम्मेदारी, एसपी.. <<     KHABAR : डायरिया पर वार- पीएचई का विशेष अभियान,.. <<     BIG REPORT : राजस्व अमले की त्वरित कार्रवाई से.. <<     KHABAR : नशे से दूरी है जरूरी अभियान का आगाज, मनासा.. <<     REPORT : 109 ग्राम पंचायतों के सरपंचों की कार्यशाला.. <<     KHABAR : कसरावद में नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान.. <<     KHABAR : मप्र श्रमजीवी पत्रकार संघ की प्रदेश.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     KHABAR : वैश्विक निविदाओं से हवाई किराया घटाने और.. <<     BIG NEWS : उज्जैन में देश की पहली हाईटेक आंगनबाड़ी.. <<     KHABAR : ओटले हटाने पहुंचा नगर पालिका अमला,.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
November 9, 2024, 3:46 pm
KHABAR : खाद संकट पर पटवारी, सिंघार ने सरकार को घेरा, कमलनाथ बोले- डबल इंजन का नारा जमींदोज, अब प्रदेश में डबल बर्बादी जारी, पढे़ खबर 

Share On:-

भोपाल। प्रदेश में डीएपी और यूरिया खाद संकट को लेकर किसानों द्वारा किए जा रहे रतजगा पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मोहन सरकार को घेरा है। कमलनाथ और सिंघार ने एक्स पर लिखा है कि मध्यप्रदेश का किसान खाद संकट से जूझ रहा है और सरकार किसानों को राहत देने की बजाय इवेंट और चुनाव प्रचार में व्यस्त है। वहीं पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने किसानों को खाद के लिए लाइन में लगातार खड़े रखने और लाठियों से पिटवाने का आरोप लगाते हुए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष से सवाल किए हैं।


खाद संकट पर पटवारी ने वीडी से पूछे सवाल
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने प्रदेश में खाद संकट पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष से सवाल पूछे हैं। पटवारी ने कहा है कि खाद के लिए किसान दर-दर भटक रहे हैं और बीजेपी के लोग ब्लैक में खाद बेच रहे हैं और 1200 से 1500 रुपए का मुनाफा ले रहे हैं। बुधनी में खाद की भारी किल्लत है। वीडी शर्मा बताएं कि एमपी में डीएपी का कितना आकलन किया था।

 

कितनी यूरिया का आकलन किया था यह भी बताएं कि कितनी यूरिया और डीएपी की डिमांड की गई थी। अगर कम डिमांड की गई थी तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है? पटवारी ने कहा कि वे बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष शर्मा से जवाब चाहते हैं कि पब्लिक डोमेन में इन सवालों के जवाब दें। पटवारी ने कहा कि बीजेपी को वोट मिला है तो बीजेपी के लोग मदमस्त हैं। लोगों की आंखों में मिर्ची न झोंकें। इसके लिए अगर कोई अपराधी है तो वह बीजेपी की सरकार है।


पूर्व सीएम कमलनाथ ने एक्स पर लिखा-
मध्यप्रदेश का किसान खाद संकट से जूझ रहा है और सरकार किसानों को राहत देने की बजाय इवेंट और चुनाव प्रचार में व्यस्त है। हैरानी की बात है कि केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के गृह जिले में भी खाद का भीषण संकट बरकरार है। किसान पूरी रात जागकर खाद मिलने का इंतजार कर रहे हैं, सरकार आंख और कान बंद कर अपनी मस्ती में मस्त है।


कमलनाथ ने लिखा कि, आंकड़े बताते हैं कि सरकार की लापरवाही और अदूरदर्शिता के कारण कुल मांग के अनुपात में बहुत कम खाद की आपूर्ति हो सकी है। यही कारण है कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पा रही है। जब केन्द्रीय कृषि मंत्री के राज्य मध्यप्रदेश और खासतौर से उनके गृह जिले सीहोर में ही खाद का संकट है तो पूरे प्रदेश और देश के हालात का आप अनुमान लगा सकते हैं। डबल इंजन सरकार का नारा जमींदोज़ हो चुका है। अब डबल बर्बादी जारी है।


खाद संकट कोई प्राकृतिक आपदा नहीं
कमलनाथ ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से सवाल करते हुए लिखा है कि, खाद का संकट कोई प्राकृतिक आपदा नहीं है। यह आपकी सरकार की अनदेखी और कृषि विभाग की अधूरी तैयारियों का नतीजा है। सरकार का दायित्व होता है कि किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद बीज की समय से पहले व्यवस्था कर ली जाए, ताकि मांग और पूर्ति का संतुलन बना रहे लेकिन आपकी सरकार नफरत फैलाने और लोगों को लड़ाने में इतना व्यस्त रहती है कि खाद-बीज जैसे जरूरी काम प्राथमिकता में ही नहीं रहते।


यह भी लिखा कमलनाथ ने
पूर्व सीएम कमलनाथ ने एक अन्य ट्वीट में लिखा है कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था भयानक दुर्दशा के दौर से गुजर रही है। प्रदेश के 500 नर्सिंग कॉलेज का संचालन योग्य ना पाया जाना बेहद गंभीर मामला है। यह न सिर्फ व्यापम से बड़ा घोटाला है बल्कि प्रदेश के युवाओं के भविष्य और पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था से खिलवाड़ है।


सिंघार ने कहा, किसान जाग रहे, सरकार चिर निद्रा में
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक्स पर लिखा है कि, एमपी में हर नागरिक किसी न किसी वजह से सरकारी व्यवस्थाओं से नाराज है। डीएपी के बाद अब किसान यूरिया के लिए सोसायटियों के बाहर रात्रि जागरण करने के लिए मजबूर हैं। रबी फसल की बोनी शुरू हो गई और सरकार चिरनिद्रा में है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर सहित पूरे प्रदेश के हालात ऐसे ही हैं। जब कृषि मंत्री अपने इलाके के किसानों को डीएपी मुहैया नहीं करा पा रहे तो बाकी जिलों की हालत समझी जा सकती है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE