भोपाल। कुल 243 लोकेशन में प्रॉपर्टी के रेट 5 से 200 प्रतिशत तक रेट बढ़ाने का प्रस्ताव फिलहाल होल्ड पर है। सांसद आलोक शर्मा समेत विधायकों और क्रेडाई के विरोध के बाद वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने इसे होल्ड पर रख दिया। अब प्रशासन सुझाव के लिए जनप्रतिनिधियों की बैठक कर रहा है, जो बुधनी-विजयपुर उप चुनाव के बाद होगी।
मंत्री विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, सांसद शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी अभी बुधनी-विजयपुर के साथ महाराष्ट्र-झारखंड चुनाव में व्यक्त है। यहां 12 नवंबर को वोटिंग होगी। इसलिए 15 नवंबर के बाद भोपाल की कलेक्टर गाइडलाइन को लेकर बैठक हो सकती है। सूत्रों की माने तो बढ़े गाइडलाइन के प्रस्ताव से जनप्रतिनिधि नाराज हैं। इसलिए वे इसे सिरे से खारिज कर रहे हैं।
सांसद-विधायक नहीं चाहते, गाइडलाइन बढ़े
बता दें कि सांसद शर्मा प्रस्तावित गाइडलाइन को लेकर अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं। वहीं, विधायकों की नाराजगी भी देखने को मिल चुकी है। वे नहीं चाहते कि गाइडलाइन बढ़े, क्योंकि इसी साल एक बार गाइडलाइन बढ़ चुकी है। सांसद शर्मा ने बताया, गाइडलाइन नहीं बढ़ना चाहिए। मीटिंग में यह सुझाव रखेंगे।
5 से 200 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव
बता दें कि भोपाल में रेसिडेंशियल, कमर्शियल और एग्रीकल्चर में एवरेज 8.55 प्रतिशत तक गाइडलाइन बढ़ाने का प्रस्ताव है। विधायक भगवानदास सबनानी की आपत्ति के बाद 13 लोकेशन हटा दी गई है। यानी, 240 लोकेशन पर रेट बढ़ेंगे।
क्रेडाई भी जता चुका है विरोध
क्रेडाई (कॉन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) के अध्यक्ष मनोज मीक समेत क्रेडाई सदस्यों ने भी वित्त मंत्री देवड़ा से मुलाकात की थी। अध्यक्ष मीक ने बताया, भोपाल में सर्किल रेट में प्रस्तावित अत्यधिक वृद्धि का रियल एस्टेट उद्योग, आम जनता और प्रधानमंत्री के श्हाउसिंग फॉर ऑलश् मिशन के लक्ष्य पर गलत प्रभाव पड़ेगा। पिछले दशक में इंदौर के मुकाबले भोपाल में सर्किल रेट में कई गुना वृद्धि पहले ही हो चुकी है। जिससे संपत्ति बाजार अस्थिर हो गया है।
इसका परिणाम यह हुआ कि भोपाल में निवेश में कमी आई है और संपत्तियों की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि निम्न और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए घर खरीदना एक बड़ी चुनौती बन गया है। लगभग सर्किल रेट बढ़ाने से प्रॉपर्टी टैक्स में सीधी वृद्धि होती है। जिससे आमजन बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। इसलिए गाइडलाइन को खारिज किया जाना चाहिए।
राजस्व में भी वृद्धि नहीं
मीक ने बताया, इस प्रकार की नीतियों का प्रतिकूल प्रभाव राज्य के राजस्व पर भी पड़ सकता है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों के अनुभव से यह साबित हुआ है कि अत्यधिक सर्किल रेट से संपत्ति लेन-देन में कमी आती है, जिससे राजस्व में अपेक्षित वृद्धि नहीं होती।
100 इलाकों में 20 प्रतिशत तक रेट बढ़ाने का प्रस्ताव
बता दें कि, भोपाल में कुल 3883 लोकेशन है। इनमें शहर में 3091 और ग्रामीण में 792 लोकेशन शामिल हैं। 3641 लोकेशन में रेट नहीं बढ़ाए और बाकी लोकेशन पर वृद्धि का प्रस्ताव है। इस बार 9 नई लोकेशन भी जोड़ी गई है।