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November 11, 2024, 3:59 pm
KHABAR : बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी में मंदिर जाने पर रोक, छात्राओं ने लगाए गंभीर आरोप, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने किया रामधुन, वार्डन के समर्थन में उतरी एनएसयूआई, पढे़ खबर 

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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर सुर्खियों में है। दरअसल, हॉस्टल की कुछ छात्राओं ने वार्डन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि वार्डन ने मंदिर जाने पर रोक लगाई है। इसे लेकर विद्यार्थी परिषद ने यूनिवर्सिटी में रामधुन का आयोजन किया। वहीं एनएसयूआई वार्डन के समर्थन में उतरकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पर गंभीर आरोप लगाए है। 

 

बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय की छात्राओं ने हॉस्टल वार्डन पर गंभीर आरोप लगाया। उनका आरोप है कि वार्डन ने मंदिर जाने पर रोक लगाई है। इसे लेकर छात्राओं ने मोर्चा खोल दिया है। विरोध में छात्राओं ने यूनिवर्सिटी में रामधुन शुरू कर दिया। जिसमें छात्र और विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता भी शामिल हुए।


बीयू मामले में गरमाई सियासत
इधर, बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी मामले को लेकर एबीवीपी और एनएसयूआई आमने सामने हो गए है। वार्डन के पक्ष में उतरी एनएसयूआई ने कहा कि उन्होंने सिर्फ अपना काम किया। यह छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। विद्यार्थी परिषद ने छात्रों के मुद्दे को धार्मिक रंग दिया। सवाल पूछते हुए कहा कि हॉस्टल के छात्रों का ये मुद्दा है तो रामधुन कार्यक्रम में छात्राएं कहां है ? रामधुन में सिर्फ विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता है, हॉस्टल की छात्राएं नहीं है। वहीं एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि विद्यार्थी परिषद के एक रिश्तेदार का हॉस्टल में एडमिशन नहीं होने के कारण यह विवाद खड़ा किया गया है।


हॉस्टल की चीफ ने कही ये बात
वहीं चीफ हॉस्टल वार्डन प्रोफेसर आइसा रईस ने कहा कि मुद्दा हम लोगों ने शॉर्ट आउट कर दिया था। सुबह 7.30 बजे तक स्टूडेंट्स को आना होता है। छात्राओं ने फोन करने पर बताया कि हम लेट होंगे। बच्चों को वार्डन अनीता तिलवानी और मेट्रन ने समझाइश दी थी। 22 अक्टूबर को मुद्दा खत्म हो गया था। स्टूडेंट्स की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। ऐसा कोई मुद्दा नहीं है कि पूजा के लिए मना किया गया है। वीसी सर से इस मामले पर बात हुई है। जांच पैनल बना दी गई है।


हॉस्टल वार्ड ने दिया इस्तीफा
उन्होंने बताया कि हॉस्टल वार्डन ने अपने पद से रिजाइन कर दिया है। हॉस्टल में कैपिसिटी के अनुसार मेरिट के आधार पर एडमिशन होता है। मैं विश्वविद्यालय 40 साल से नौकरी कर रही हूं। सबके बीच में रहकर काम करते हैं।

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