उज्जैन। गुंडे-बदमाशों के जुलूस निकालने को लेकर सोमवार को रविदास मंडल ने एडिशनल एसपी को ज्ञापन सौंपा है। जिसमें गुंडे बदमाशों के साथ भाजपा नेता का जुलूस निकालने वाले तीनों पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की मांग की है।
ज्ञापन कहा है कि पुलिस ने शुक्रवार को समाजसेवी विकास करपरिया और पूर्व मंडल अध्यक्ष एवं बूथ अध्यक्ष विमल (विक्की) करपरिया को फोन से थाने बुलाया गया। यहां अपशब्द कहें गए। इसके बाद गुंडा अभियान की आड़ में 23 बदमाशों के साथ उनका जुलूस निकाला गया। मामले में जुलूस निकालने वाले तीनों पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया जाना चाहिए।
भाजपा नेता विकास करपरिया ने बताया-
मेरे पर कोई संगीन आरोप नहीं है। मेरा अपने भाई से विवाद हुआ था। उसमें चाकू निकालने की बात पर एफआईआर दर्ज हुई है। 8 नवंबर को थाने से फोन आया कि मामले को लेकर साइन चाहिए। मैं वहां पहुंचा तो अभद्रता की गई। बल पूर्वक गुंडों के जुलूस में खड़ा कर दिया गया। अब पुलिसकर्मी धमकी दे रहे हैं। मैं मानव अधिकार आयोग में भी शिकायत करूंगा।
एडिशनल एसपी नितेश भार्गव ने कहा
किसी का भी जुलूस नहीं निकाला है। सिर्फ कुछ गुंडा तत्व लोगों को बुलाकर पूछताछ की गई। डोजियर भरवाकर उन्हें घर भेज दिया गया था।