मंदसौर। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख कृषि विज्ञान केन्द्र , मन्दसौर ने बताया कि कृषि विज्ञान केन्द्र, मन्दसौर एवं पशुपालन एवं डेयरी विभाग मन्दसौर के संयुक्त तत्वाधान में बकरी पालन विषय पर तीन दिवसीय व्यवसायिक प्रशिक्षण का आयोजन 11 से 13 नवम्बर तक कृषि विज्ञान केन्द्र, मन्दसौर में किया जा रहा हैं। इस प्रशिक्षण का उद्घाटन करते हुए अधिष्ठाता उद्यानिकी महाविद्यालय डॉ.आई.एस.तोमर ने प्रशिक्षणार्थियो को संबोधित करते हुएं कहा कि वर्तमान मौसम में परिवर्तन को देखते हुए कृषि में बदलाव लाने की आवश्यकता हैं, जिससे कि खेती में नुकसान कि कम से कम संभावना हो। इस स्थिति में बकरी पालन किसानो के लिए लाभ का सौदा हो सकता हैं। जिसमे जोखिम की संभावना कम होती है। यदि किसान भाई सही तकनीक एवं उचित नस्लो का समावेश करते हुए बकरी पालन करते है तो निश्चित ही उन्हें अधिक आमदनी प्राप्त हो सकती हैं। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, केवीके डॉ.जी.एस. चुण्डावत, मन्दसौर ने कहा कि किसान भाई खेती के साथ-साथ पशु पालन भी अवश्य करें जिससे कि उन्हें अतिरिक्त आमदनी मिल सके। अतिरिक्त उपसंचालक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ.डी.के. जैन ने प्रशिक्षणार्थियो को बकरी कि उन्नत नस्लो जैसे सिरोही, जमनापरी, बरबरी आदि की जानकारी प्रदान करने के साथ - साथ बकरी पालन हेतु विभिन्न मूलभुत सुविधाओ कि जानकारी दी, साथ ही उनके रहने के लिए विभिन्न संरचनाओ तथा पशुपालन एवं डेयरी विभाग से संचालित होने वाली योजनाओं के विषय में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण में कुल 36 कृषकों एवं कृषक महिलाओ ने सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजेश गुप्ता एवं डॉ. निशिथ गुप्ता ने आभार ज्ञापित किया।