बड़वानी। बड़वानी शहर के वार्ड क्रमांक 22 में बने सार्वजनिक शौचालय को नगर पालिका की टीम ने सुबह-सुबह तोड़ दिया। वार्डवासियों में शौचालय तोड़े जाने के चलते आक्रोश नजर आ रहा है।
वार्ड क्रमांक 22 के रहवासी जगदीश मुकाती ने बताया कि पिछले 40 साल पुरानी बनी हुई शौचालय को पिछली परिषद द्वारा अच्छे पैसे लगाकर उसको मॉडलिंग बनाया था। उसे सुबह 4.30 बजे नगर पालिका ने जेसीबी भेजकर तुड़वा दिया गया है। इस सार्वजनिक शौचालय को लेकर किसी भी रहवासियों व मोहल्ले के लोगों की कोई शिकायत नही है, इस बाथरूम को हटाने की। आज सुबह-सुबह नगरपालिका के द्वारा नगर पालिका की जेसीबी भेज कर उसे सुबह-सुबह 4रू30 बजे उसको तुड़वा दिया गया। सुबह अचानक तोड़ फोड़ की आवाज आने पर हम घर से बाहर निकाल कर आए तो हमने देखा कि शौचालय को तोड़ा जा रहा है। जेसीबी मशीन के ऑपरेटर से हमनें पूछा कि शौचालय को किसके कहने पर तोड़ा गया, तो उसने बताया कि नगर पालिका सीएमओ ने तोड़ने का बोला है। हम वार्ड के रहवासियों ने जेसीबी मशीन को यही पर रुकवा लिया गया है। सीएमओ को हम यहाँ बुला रहे है, मगर वो यहां नही आ रहे है। जबतक सीएमओ यहाँ नही आएंगे तब तक हम जेसीबी मशीन को यहाँ से नही जाने देंगे।
उन्होंने बताया कि ये शौचालय उपयोगी है। यहाँ लोगों की सुविधा के लिए ये शौचालय बनाया गया था। अब लोगों को परेशान होना पड़ेगा यहाँ आसपास एक किलोमीटर की दूरी तक कोई भी शौचालय नही है।
नगर पालिका नेता प्रतिपक्ष राकेश सिंह जाधव ने बताया कि सरकार नगरीय क्षेत्र को खुले में शौच मुक्त करने तथा सार्वजनिक शौचालयों की स्थापना के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत बड़ी धन राशि नगर पालिका को उपलब्ध करा रही है, लेकिन मैदानी हकीकत कुछ और ही है। नगर पालिका परिषद की लापरवाही के कारण सार्वजनिक तथा सामुदायिक शौचालयों का लाभ आम लोगों को नहीं मिल पा रहा है। सरकार के लाखों रुपए खर्च होने के बाद भी बने हुए शौचालयों को सुबह-सुबह नगर पालिका द्वारा तोड़ा जा रहा है। जिसके कारण आम लोग परेशान हो रहे हैं।