नीमच। जिले में सहकारी समितियों का जाल दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है जमाकर्ताओं को लोन देकर तरह तरह से लूटा जाता है। रिजर्वबैंक की गाइड लाइन की धज्जियां उड़ाई जारही है। इन साख समितियों के खिलाफ कभी कोई जांच नहीं होती है। अनेक बार उपभोक्ताओं द्वारा शिकायतें भी कीगई लेकिन कोई कार्यवाही नहीं होती है। जिला सहायक आयुक्त सहकारिता भी कोई ठोस कार्यवाही नहीं करते ।सभी सिस्टम से बंधे हुए है। अनेक लोग अपनी जान भी गंवा चुके है। ऐसा ही एक मामला हाल ही में सामने आया है।
सोसायटी द्वारा जमाकर्ता के साथ धोखाधड़ी कर एफडी के पैसे नहीं देने का मामला सामने आया है। जमाकर्ता ने सोसायटी के खिलाफ कार्रवाई की मां को लेकर जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई। कलेक्टर ने जांच के निर्देश दिए हैं। जनसुनवाई में कुक्कड़ेश्वर निवासी रमेश मालविय ने शिकायत में बताया गया है कि मनासा पी एमपी क्रेडिट को-आपरेटिव सोसाइटी एवं पी एमपी लिमि टेड में दो एफडी। इसमें एक 3.75 लाख और दूसरा 1.50 लाख का है। दोनों एफडी की अंतिम तिथि पर जब मैं सोसायटी में इसे निकालने गया तो मैनेजर ज्ञानेश पाटीदार ने पैसे निकालने से मना कर दिया। मैनेजर ने बताया कि आपकी एफ डी पर एक व्यक्ति को लोन दिया गया है। उस लोन पर आप की गारंटी है। वह एफडी की राशि नहीं दी शिकायत कर्ता का कहना है कि। मैंने किसी भी व्यक्ति को लोन नहीं दिलवायाऔर ना ही कोई जमानत दी। इसकी शिकायत मेंने 6 अगस्त को पुलिस थाना मना सा और कुकडेश्वर थाने पर भी शिकायत दर्ज कराई गई थी। मैनेजर द्वारा मेरे नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार किए है। इसकी पुलिस को भी शिकायत दी गई। सोसायटी मैनेजर ज्ञानेश पाटीदार ने बताया कि। पुलिस को इस मामले में सभी दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं। जमा कर्ता झूठी शिकायतें कर रहा है। कुल मिला कर इन सोसाइटियों की जिला कलेक्टर द्वारा बारीकी से जांच की इनके सभी दस्तावेज को परीक्षण करवाना चाहिए।