हरदा। मध्यप्रदेश में शासन और प्रशासन के लाख दावे के विपरीत किसान खुश नहीं है। प्रदेश के किसी न किसी जिले से किसानों द्वारा आत्महत्या की खबरें आती रहती है। ताजा मामला हरदा जिले का है जहां किसान ने दबंगों और तहसीलदार से पीड़ित होकर आत्महत्या कर ली है। एसडीएम और तहसीदार की कार्रवाई से नाराज परिजन शव लेकर जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर बंगले पहुंचे। बंगले के सामने शव रखकर परिजन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
दरअसल घटना टिमरनी थाना क्षेत्र के ग्राम डगांवा नीमा का है, जहां 70 वर्षीय किसान बाबूलाल जाट ने आत्महत्या कर ली है। परिजन शव लेकर कलेक्टर बंगले (निवास) पहुंचे है। परिजनों ने बताया कि किसान हरदा एसडीएम (एसडीएम) और तहसीलदार की कार्रवाई से नाराज थे। बताया जाता है कि जमीन सीमांकन को लेकर किसान का पड़ोसी किसान से विवाद चल रहा था। आए दिन दबंग पड़ोसी किसान मारपीट करते थे। हरदा तहसीलदार लवीना घाघरे पर पैसे लेकर गलत आदेश करने और धमकाने का आरोप लगाया है। जानकारी मृतक के बेटे ने दी। समाचार के लिखे जाने तक परिजन और ग्रामीण कलेक्टर बंगले के सामने शव रखकर विरोध जता रहे थे। बंगले के बाहर बाहर अधिकारियों और पुलिस की भीड़ लगी हुई है। , ग्राम डग़ांवा नीमा का निवासी है बाबूलाल जाट मृतक किसान, टिमरनी थाने का मामला।