शाजापुर। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत नेहरू युवा केन्द्र संगठन मुख्यालय नई दिल्ली के आदेशानुसार नेहरू युवा केन्द्र शाजापुर के जिला युवा अधिकारी सागर वाधवानी के निर्देशानुसार मॉ. उमिया ज्ञानपीठ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुपाडा रोड शाजापुर में आज 15 नवम्बर को भगवान बीरसा मुण्डा की जयंति जनजाति गौरव दिवस के रूप मे मनाई गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विद्यालय के प्राचार्य राधेश्याम गोठी द्वारा मॉ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर नेहरू युवा केन्द्र द्वारा युवा प्रतिभागियो के लिए निबंध प्रतियोगिता का अयोजन किया गया जिस पर विद्यालय के युवाओं द्वारा भगवान बीरसा मुण्डा के जीवन पर अपने विचारो को रखा। कार्यक्रम के प्रथम वक्ता के रूप में विद्यालय के प्राचार्य गोठी ने भगवान बीरसा मुण्डा के जीवन पर प्रकार डाला और उनके द्वारा आदिवासी जाति के लिए किए गये कार्याे के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम द्वितीय वक्ता के रूप मे मनोज कुमार जायसवाल प्रतिनिधि गायत्री परिवार द्वारा युवाओ को बताया कि भगवान बीरसा मुण्डा द्वारा किस प्रकार अपनी जनजाति के उत्थान के लिए कार्य किए व ब्रिटीश साम्राज्य के विरूद्ध 19वी शताब्दी के अंत में एक स्वतंत्रता सेनानी के रूप में आंदोलन किया था। आदिवासी उन्हें धरती बा के रूप मे भी मानते है। क्योकी उन्होंने अपने अनुयायीयो की शिक्षा पर जोर दिया था। कार्यक्रम में प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियो को नेहरू युवा केन्द्र द्वारा प्रमाण पत्र और शिल्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन पूर्व राष्ट्रीय युवा कोर मौसम मण्डलोई ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं उपस्थित थी।