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November 16, 2024, 2:15 pm
KHABAR : दिल्ली-यूपी के किसानों को बंट रही खाद, लोकल किसानों को 7-8 दिन बाद भी नहीं मिल रही, बोले- अफसर कर रहे मनमानी, पढे़ खबर 

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भिंड। खाद वितरण से जुड़े अफसरों और कर्मचारियों की लापरवाही और धांधली का मामला सामने आया है। खाद वितरण के नियमों को ताक पर रखकर रात 10 बजे के बाद भी खाद की पर्चियां काटी जा रही हैं। इनमें से कई पर्चियां उत्तर प्रदेश और दिल्ली के किसानों के नाम पर काटी जा रही हैं। जिसकी वजह से स्थानीय किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई किसानों को खाद पाने के लिए सात-आठ दिन तक मशक्कत करनी पड़ रही है। उसके बावजूद उन्हें खाद नहीं मिल रही।


खाद वितरण में अनियमितता
दरअसल, खाद वितरण प्रक्रिया के नियमों के तहत पीओएस मशीन से केवल सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक ही पर्चियां काटने का निर्देश हैं। जिसके बाद मशीन विपणन केंद्र पर जमा करनी होती है, लेकिन जामना रोड के खाद गोदाम में रात में पर्चियां काटकर खाद का वितरण किया जा रहा है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि इस काम में कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं। 


वहीं जब इस तरह की धांधली को लेकर जिला सहकारी विपणन के प्रबंधक अमित गुप्ता से सवाल किया गया तो उन्होंने इससे इनकार कर दिया।


खाद वितरण व्यवस्था और किसान का संघर्ष
प्रशासन ने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के मकसद से हर सोमवार को टोकन जारी करने की व्यवस्था लागू की है। टोकन मिलने के बाद किसानों को पर्ची कटवानी होती है और रुपए जमा करने होते हैं, लेकिन किसानों को रातभर लाइन में खड़े होना पड़ रहा है। गुरुवार को भी किसान रात से ही लाइन में खड़े थे, लेकिन शुक्रवार दोपहर तक उन्हें पर्ची नहीं मिली। किसानों ने आरोप लगाया है कि पर्ची वितरण के समय अधिकारी-कर्मचारी अपने परिचित को प्राथमिकता दे रहे हैं और अतिरिक्त पैसे लेकर उनकी मदद कर रहे हैं।


किसानों का दर्द और नाराजगी
कई किसानों ने अपने अनुभव के बारे में बताया और अधिकारियों की लापरवाही पर आक्रोश जताया। किसान जय सिंह भदौरिया ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, टोकन मिले तीन दिन हो चुके हैं, फिर भी पर्ची नहीं कटी। अधिकारी रोज नए बहाने बनाकर उन्हें टाल रहे हैं।


दूसरे किसान वीर सिंह बघेल ने कहा, वे रात से लाइन में खड़े हैं, लेकिन अभी तक उनका नंबर नहीं आया। एक और किसान मनोज यादव ने अपना दर्द बताते हुए कहा कि उन्हें 25 बोरी डीएपी खाद की आवश्यकता है, लेकिन कई दिन की कोशिशों के बाद केवल आठ बोरी ही मिली है, जिससे उनकी फसल पर संकट खड़ा हो गया है।


कृषि उपसंचालक ने कहा- अनियमितताओं की कर रहे जांच
इस पूरे मामले को लेकर उपसंचालक कृषि विभाग, रामसुजान शर्मा ने कहा है कि जामना रोड गोदाम पर अनियमितताओं की जांच जारी है, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसानों की सुविधा के लिए नौ अतिरिक्त काउंटर और चार नए वितरण केंद्र भी खोले गए हैं। रोज 300 मीट्रिक टन खाद का वितरण हो रहा है, जिससे सभी किसानों की आवश्यकताएं पूरी हो सकें।

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