भोपाल। सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड में मेला लगाने की बात सामने आने के बाद इलाके के रहवासियों और खिलाड़ियों ने इसकी शिकायत भोपाल कलेक्टर और पुलिस आयुक्त से की है। लोगों का कहना है कि, यहां पर मेला लगाने की तैयारी की जा रही है, मगर शहर के कुछ खास इलाके जिसमें कमला पार्क, गिन्नौरी, बुधवारा, मोती मस्जिद, इब्राहिम पुरा, इतवारा, आजाद मार्केट आदि की बात की जाए तो इन इलाकों से रोजाना एक हजार से अधिक बच्चे यहां खेलने आते हैं। जिससे की इनका खेलना भी बंद हो जाएगा।
शिकायत में लिखा- 3 महीने के लिए दी गई परमिशन
शिकायत में लिखा- सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड में शासन द्वारा मेला लगाने की 3 महीनों की परमिशन दी गई है। हम लोगों ने बड़ी मुश्किल से ग्राउंड को सही किया है। इसमें घास उगाई है। यहां आज तक कभी इतने लंबे अंतराल में कोई भी प्रोग्राम नहीं हुआ है। मेले से खिलाड़ियों का खेल का हित प्रभावित होगा। साथ ही रहवासियों और दुकानदारों को परेशानी होगी। पूर्व कलेक्टर मनीष सिंह जी के द्वारा इस ग्राउंड में खेल के अतिरिक्त कोई भी प्रोग्राम नहीं होने का आदेश दिया गया था। जिसके लिए उन्होंने ग्राउंड में बोर्ड भी लगवाए थे, जो आज भी लगे हैं। इस मैदान पर इस तरह के आयोजन को निरस्त किया जाए।
सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड में मेला लगाने की बात सामने आने के बाद इलाके के रहवासियों और खिलाड़ियों ने इसकी शिकायत भोपाल कलेक्टर और पुलिस आयुक्त से की है। लोगों का कहना है कि, यहां पर मेला लगाने की तैयारी की जा रही है, मगर शहर के कुछ खास इलाके जिसमें कमला पार्क, गिन्नौरी, बुधवारा, मोती मस्जिद, इब्राहिम पुरा, इतवारा, आजाद मार्केट आदि की बात की जाए तो इन इलाकों से रोजाना एक हजार से अधिक बच्चे यहां खेलने आते हैं। जिससे की इनका खेलना भी बंद हो जाएगा।
शिकायत में लिखा- 3 महीने के लिए दी गई परमिशन
शिकायत में लिखा- सेंट्रल लाइब्रेरी ग्राउंड में शासन द्वारा मेला लगाने की 3 महीनों की परमिशन दी गई है। हम लोगों ने बड़ी मुश्किल से ग्राउंड को सही किया है। इसमें घास उगाई है। यहां आज तक कभी इतने लंबे अंतराल में कोई भी प्रोग्राम नहीं हुआ है। मेले से खिलाड़ियों का खेल का हित प्रभावित होगा। साथ ही रहवासियों और दुकानदारों को परेशानी होगी। पूर्व कलेक्टर मनीष सिंह जी के द्वारा इस ग्राउंड में खेल के अतिरिक्त कोई भी प्रोग्राम नहीं होने का आदेश दिया गया था। जिसके लिए उन्होंने ग्राउंड में बोर्ड भी लगवाए थे, जो आज भी लगे हैं। इस मैदान पर इस तरह के आयोजन को निरस्त किया जाए।