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November 18, 2024, 12:55 pm
KHABAR : मुख्यमंत्री 21 नवंबर को करेंगे उज्जैन मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन, बोले- राज्य सरकार हर नागरिक को सुलभ और बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने निरंतर कर रही है कार्य, पढ़े खबर 

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दतिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2003 तक प्रदेश में केवल 5 शासकीय मेडिकल कॉलेज थे, जो अब बढ़कर 17 हो चुके हैं। प्रदेश में एम.बी.बी.एस. सीटें भी 720 से बढ़कर 2,575 हो गई हैं। श्योपुर, सिंगरौली, मंडला और राजगढ़ में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ छतरपुर, दमोह और बुधनी में स्ववित्तीय अनुदान से मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही 12 अन्य जिलों में सार्वजनिक जनभागीदारी नीति के तहत मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना से एम.बी.बी.एस. सीटों में 2,000 से अधिक की वृद्धि होगी। भोपाल और ग्वालियर में अस्पताल की बेड कैपेसिटी को 2,500 तक बढ़ाने के साथ-साथ इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा में सुपरस्पेशलिटी अस्पताल संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जबलपुर में स्कूल ऑफ एक्सीलेंस इन पल्मोनरी मेडिसिन और इंदौर में स्कूल ऑफ एक्सीलेंस फॉर आई जैसी योजनाएं प्रदेश को चिकित्सा क्षेत्र में अग्रणी बना रही हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 14 मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। वर्तमान में 24 शासकीय नर्सिंग कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जो जल्द ही 37 हो जाएंगे। प्रदेश में 250 पैरामेडिकल कॉलेजों में लगभग 25,000 छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इसके साथ ही, मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जहां मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में प्रारंभ की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को उन्नत चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, ताकि ये जिला अस्पतालों के समान उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सकें। इसके साथ ही इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (प्च्भ्ै) के मानकों के अनुरूप 30,000 से अधिक चिकित्सकीय और सहायक चिकित्सकीय पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिकों से ही आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का निर्माण संभव है।

592 करोड़ रुपये की लागत से होगा मेडिकल कॉलेज का निर्माण-
उज्जैन मेडिकल कॉलेज 14.97 एकड़ भूमि पर निर्मित किया जाएगा। निर्माण क्षेत्र 1 लाख  42 हज़ार 34 वर्ग मीटर प्रावधानित है। इसकी कुल लागत 592.3 करोड़ रुपए है। इसमें फायर सेफ्टी के लिए आधुनिक तकनीकों, ऊर्जा दक्षता के लिए एलईडी लाइटिंग, सौर ऊर्जा और ऊर्जा-कुशल एचवीएसी सिस्टम का उपयोग किया गया है। वर्षा जल संग्रहण और अपशिष्ट जल के पुनरू उपयोग के साथ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी प्रावधान किया गया है। मेडिकल कॉलेज में फुट ओवर ब्रिज, ग्रंथालय भवन, सर्विस ब्लॉक, एमजीपीएस ब्लॉक और ईएसएस ब्लॉक की सुविधा शामिल हैं।

550 बिस्तरों वाला आधुनिक शिक्षण अस्पताल-
उज्जैन मेडिकल कॉलेज शिक्षण अस्पताल की क्षमता 550 बेड की है। अस्पताल में 24ग7 आपातकालीन सेवाओं, फार्मेसी, रेडियोलॉजी, सीटी, एमआरआई, एक्सरे फ्लोरोस्कोपी, अल्ट्रासाउंड), जनरल एवं सुपर स्पेशलिटी ओपीडी जैसी सेवाओं से सुसज्जित है। अस्पताल में 550 आई.पी.डी. बिस्तर, आईसीयू और सीसीयू के लिए 70 बिस्तर, 11 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, 1 कैथ लैब और 2 एंडोस्कोपी यूनिट उपलब्ध हैं। इसके अलावा, परमाणु चिकित्सा विभाग और 2 रेडियोथेरेपी बंकर (ब्रैकीथेरेपी और सीटी सिम्युलेटर) जैसी उन्नत सुविधाएं भी प्रदान की गई हैं। डॉक्टरों, स्टाफ और जनता के लिए कैफेटेरिया की व्यवस्था भी है। निर्माण कार्य मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा किया जायेगा।

100 एम.बी.बी.एस. सीट की प्रवेश क्षमता-
उज्जैन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्रों की प्रवेश क्षमता 100 प्रावधानित है। मेडिकल कॉलेज में 4 अत्याधुनिक लेक्चर थियेटर (प्रत्येक की क्षमता 180) और 2 परीक्षा हॉल (प्रत्येक की क्षमता 250) रहेगी। सेंट्रल लाइब्रेरी, शिक्षण और फैकल्टी क्षेत्र, प्रयोगशाला और कौशल प्रशिक्षण केंद्र के साथ प्रशासनिक भवन, सामान्य कक्ष और मनोरंजन सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। 380 नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए छात्रावास सुविधा का प्रावधान है। इसमें स्टिल्ट पार्किंग, सामान्य कक्ष, मनोरंजन क्षेत्र, डायनिंग हॉल और किचन की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

यूजी और इंटर्न छात्र एवं छात्राओं के लिए छात्रावास- 
उज्जैन मेडिकल कॉलेज में छात्रों के लिए 329 यूजी और 70 इंटर्न तथा छात्राओं के लिए 286 अंडरग्रेजुएट और 58 इंटर्न की क्षमता वाला छात्रावास रहेगा। इनमें स्टिल्ट पार्किंग, सामान्य कक्ष, मनोरंजन क्षेत्र और डायनिंग सुविधाएं रहेंगी। 145 विद्यार्थियों की क्षमता वाला आरडीएच छात्रावास जिम, डायनिंग हॉल और स्टिल्ट पार्किंग जैसी सुविधाओं से युक्त रहेगा।

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