देवास। नागदा में माइक्रो सिंचाई योजना के तहत मौजूदा तालाब की जगह बड़े डेम का निर्माण किया जा रहा है जिसमें नागदा-पालनगर के कई किसानों की करीब ढ़ाई हजार हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित कि जाएगी।
सोमवार को एलएनटी कंपनी के बनाए गए तालाब किनारे ऑफिस में किसानों और जल संसाधन विभाग की एसडीओ नेहा दुबे के बीच चर्चा हुई। इस परियोजना में किसान अपनी भूमि नहीं देने के लिए पहले ही आपत्ति लगा चुके हैं जिसके चलते जल संसाधन विभाग द्वारा किसानों को चर्चा करने के लिए बुलाया गया था।
अर्जुन चौधरी ने बताया कि नागदा में बहुत बड़ा तालाब बन रहा है। जिसमें करीब 500 किसानों की जमीन जा रही है। हम किसानों ने आपत्ति दर्ज करवाई थी। जो जल संसाधन विभाग की एसडीओ हैं वो वह यहां पहुंचे थे। उनकी हमारी चर्चा हुई है। हमने मांग रखी है कि जब तक प्रति बीघा के हिसाब से हमारा पैकेज डिसाइड नहीं होगा तब भूमि हम नहीं देंगे।
करीब ढ़ाई हजार हेक्टेयर जमीन इस तालाब में जा रही है। हमें उचित मुआवजा दिया जाएगा तो ही किसान जमीन देंगे। नहीं तो जो भी लड़ाई लड़ना पड़ेगी हम लड़ेंगे। चाहे मरना भी क्यों न पड़े हम तैयार है।