मंदसौर। जिला शिक्षा अधिकारी लोकेंद्र डाबी ने बताया कि प्रत्येक 3 साल के बाद स्कूली बच्चों की क्षमता को परखने के लिए तथा उनकी उपलब्धियों का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय उपलब्धि परीक्षण एनसीईआरटी के माध्यम से करवाया जाता है। प्रथम बार यह परीक्षण सन 2001 में हुआ था तथा इस बार 4 दिसंबर 2024 को यह परीक्षण होगा। इस प्रशिक्षण में कक्षा 3, 6 तथा 9 में पढ़ने वाले शालाओं के विद्यार्थी सम्मिलित होंगे।
परीक्षण की पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए स्कूल में ऑब्जर्वर एवं फील्ड इन्वेस्टिगेटर की उपस्थिति में विद्यार्थी परीक्षण टेस्ट में सम्मिलित होंगे। इस प्रशिक्षण में निजी विद्यालय, स्टेट गवर्नमेंट के विद्यालय, केंद्रीय सरकार के विद्यालय, अनुदान प्राप्त विद्यालय के विद्यार्थी सम्मिलित होंगे। विद्यालयों का चयन राज्य स्तर से रेंडम पद्धति से किया गया है। इस प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान ,गणित, सामाजिक विज्ञान विषय के टेस्ट पेपर को ओएमआर शीट पर हल करना होता है। टेस्ट पेपर में बहुविकल्पीय प्रश्नों को सम्मिलित किया जाता है।
उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण में कक्षा तीसरी को संचालित करने वाले 36 विद्यालय, कक्षा छठी को संचालित करने वाले 31 विद्यालय, एवं कक्षा 9 वी को संचालित करने वाले 47 विद्यालयों के विद्यार्थी सम्मिलित किए जाएंगे। आनंद डावर सहायक संचालक एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी मंदसौर ने बताया कि राष्ट्रीय उपलब्धि परीक्षण को सफल बनाने के लिए विद्यार्थियों से राज्य स्तर से प्राप्त मॉक टेस्ट को हल करवाया जा रहा है तथा कठिन अवधारणाओं को शिक्षक गण के द्वारा विद्यार्थियों को स्पष्ट किया जा रहा है। साथ ही ओएमआर शीट पर विद्यार्थियों की प्रैक्टिस भी करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि मॉक टेस्ट के साथ-साथ राज्य स्तर से स्वयं सिद्धी ऐप पर विद्यार्थियों को प्रश्नावली को भेजा जाता है और विद्यार्थी उस प्रश्नावली को अपने शिक्षक के मार्गदर्शन में ऑनलाइन ही हल करते हैं। विगत दिनों मंदसौर विकासखंड के चयनित शालाओं का निरीक्षण भी किया गया तथा वहां के शिक्षक एवं विद्यार्थियों को राष्ट्रीय उपलब्धि परीक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी भी दी गई है।