इंदौर। स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में वाटर प्लस और सेवन स्टार सर्टिफिकेट प्राप्त करने को लक्ष्य लेकर आज श्वर्ल्ड टॉयलेट डेश् पर निगम प्रशासन द्वारा सेल्फी विद शौचालय शौचालय सुपर स्पॉट अभियान शुरू किया। सुबह मेयर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक रमेश मेंदोला, निगम कमिश्नर शिवम वर्मा द्वारा शारदा मठ स्थित सुलभ शौचालय परिसर में शौचालय सुपर स्पॉट अभियान की शुरूआत की गई। आज एक लाख सेल्फी लेने का लक्ष्य रखा गया है। सुबह 11 बजे तक 30 हजार से ज्यादा लोग सेल्फी ले चुके थे।
इस अवसर पर स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ल, राजेंद्र राठौड़, पार्षद ज्योति शरद पवार, मनोज मिश्रा, अपर कमिश्नर अभिलाष मिश्रा, अभय राजनगांवकर, डिप्टी कमिश्नर शैलेष अवस्थी आदि उपस्थित थे। अतिथियों द्वारा शौचालय के साथ सेल्फी ली गई और शौचालय केयरटेकर और हेल्पर का सम्मान किया गया।
मंगलवार सुबह अवसर पर प्रातःस्वच्छता गीत पर जुम्बा की प्रस्तुति, इंदौर आर्टिस्ट की टीम द्वारा नुक्कड नाटक के साथ ही उत्कृष्ठ कार्य करने वाले शौचालय के केयर टेकर व हेल्पर का सम्मान किया गया। मेयर कहा कि लोग सफाई का स्वच्छता का पर्सनल हाइजिन का ध्यान रखें। ओपन डिफेकेशन फ्री होने के बाद आज जब हम अष्ट सिद्धि की तरफ आगे बढ़ रहे हैं। आज श्इंटरनेशनल टॉयलेट डेश् के अवसर पर इंदौर ने फिर पूरे भारत के सामने चुनौती रखी है।
उन्होंने कहा कि आप अपने घर में कभी कोई गेस्ट आता है तो उसको आपकी टॉयलेट दिखते हो क्या? नहीं ,आप उन्हें घर में बेडरूम दिखते हो, ड्राइंग रूम दिखते हो, पूजा का घर दिखते हो, अपनी टॉयलेट तो हम घर में भी नहीं दिखाते हैं। उसके कई अलग कारण होंगे। इंदौर शहर है जो चुनौती देकर चौलेंज देकर कह रहा है कि आप इंदौर शहर की सीटीपीटी हमारी टॉयलेट के साथ सेल्फी लगाकर दिखाइए, इसलिए दिखाइए की इंदौर के पब्लिक टॉयलेट्स साफ है जो जन सुविधा जो पब्लिक को हम सुविधा देना चाहते हैं वैसी सुविधा उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि पब्लिक टॉयलेट्स सफाई का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। बाहर से आने वाले लोग जिनके घर पर टॉयलेट्स नहीं हैं उनके और राहगीरों के लिए पब्लिक टॉयलेट्स पब्लिक टॉयलेट्स बहुत महत्वपूर्ण होता है। अभी और यदि कहीं कोई कमी पेशी है तो हम उसको पूरा कर करेंगे।
आज इंदौर में सेल्फी विद शौचालय के तहत एक लाख सेल्फी ली जाएगी। शौचालय सुपर स्पॉट अभियान के तहत शहर के 700 से अधिक शौचालय में सफाई व्यवस्था के तहत यह सेल्फी का कार्यक्रम रखा गया था।
स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ल ने बतायां किआठवीं बार स्वच्छता में नंबर वन आने के लिए सार्वजनिक शौचालयों के उपयोग और उनकी स्वच्छता पर फीडबैक देने के लिए अभियान अंतर्गत सेल्फी लेकर जरूर डालें। अभियान का उद्देश्य शहर के सभी सार्वजनिक शौचालयों की सफाई और मेंटेनेंस को प्रोत्साहित करना है।
आज शहर के 700 सार्वजनिक शौचालयों पर 1 लाख सेल्फी लेने का लक्ष्य रखा गया है। नागरिकों को सार्वजनिक शौचालयों के उपयोग और उनकी स्वच्छता पर फीडबैक देने के लिए प्रेरित किया जाएगा। शहर में 78 कम्युनिटी टॉयलेट, 234 सार्वजनिक टॉयलेट, 150$ यूरिनल शामिल हैं।
2001 में हुई थी इसकी शुरुआत
मानव स्वच्छता को ध्यान में रखकर 2001 में इस दिन को मनाने की शुरुआत की गई थी। इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों के पर्सनल हाइजीन और स्वच्छता रखने से है। लोगों को टॉयलेट का उपयोग बताने उनके स्वास्थ्य को किसी भी करण से प्रभावित होने से बचाने के लिए विश्व शौचालय दिवस मनाया जाता है।
मेंटेनेंस पर निगम का कोई पैसा खर्च नहीं
नगर निगम ने इनके मेंटेनेंस के लिए एजेंसी तय कर दी है। अखिल भारतीय ग्रामीण विकास व पर्यावरण संस्था, अखिल भारतीय रचनात्मक सेवा संस्थान लखनऊ, आर्य भट्ट सेवा संस्था, परम पूज्य सेवा मेंटेनेंस सोसाइटी, वाल्मीकि श्रमिक समाज विकास संस्था, सुलभ इंटरनेशनल, सुलभ इंटरनेशनल भोपाल के पास मेंटेनेंस है।
इनमें से कुछ का मेंटेनेंस निगम खुद करता है। इनकी रेटिंग के लिए एक मशीन भी रखी गई है। कोई भी व्यक्ति इनका उपयोग कर रेटिंग दे सकता है। इन सभी के मेंटेनेंस पर निगम को कोई खर्च नहीं करना पड़ता है। मेंटेनेंस एजेंसी ही इसका खर्च उठाती है। अभियान के तहत ही इंदौर प्लास्टिक एसोसिएशन डस्टबीन डोनेट करेगी।
कहीं टूट-फूट और गंदगी अभी भी
मेयर पुष्यमित्र भार्गव और निगम कमिश्न के निर्देश पर पहले सभी को इसका निरीक्षण करने के लिए भेजा गया। एनजीओ की टीम ने मौका-मुआयना किया। बीसीसी के पास वाला टॉयलेट खराब मिला तो राजकुमार ब्रिज के पास वाले टॉयलेट की स्थिति अच्छी थी। ज्यादातर जगह पर यूरिनल में दिक्कत थी। कहीं टूट-फूट हो रही है तो कहीं बदबू भी आ रही थी। निगम प्रशासन ने इन्हें ठीक करने के निर्देश दिए हैं।