इंदौर। केंद्र सरकार के भारत माला प्रोजेक्ट के तहत पीथमपुर में एमपीआईडीसी और एनएचएआई के जॉइंट वेंचर में बन रहे मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क की अंतिम बाधा भी सोमवार को दूर हो गई। यहां जमीन अधिग्रहण को लेकर 4 गांव बचे थे, जिनमें से 3 गांव की जमीन एमपीआईडीसी को मिल चुकी थी।
धार जिले के अकोदिया गांव की जमीन को लेकर विवाद था, जिस पर कैबिनेट से विशेष मंजूरी के बाद अवार्ड भी पारित कर दिया था। जमीन मिलते ही अब काम तेजी से होगा। दिसंबर 2025 तक यह तैयार हो जाएगा।
सोमवार को यहां जिला प्रशासन और एमपीआईडीसी की टीम पहुंची और जमीन का कब्जा भी लिया। हालांकि अधिग्रहण की खबर लगते ही कुछ किसान परिवार सहित विरोध करने पहुंचे। इनमें कुछ कांग्रेस नेता भी शामिल थे। वहीं, एमपीआईडीसी का दावा है कि अब प्रोजेक्ट में जमीन अधिग्रहण की बाधा खत्म हो गई है और प्रोजेक्ट जल्द ही मूर्त रूप लेगा।
255 एकड़ जमीन पर प्रोजेक्ट विकसित किया जा रहा एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक राजेश राठौर ने बताया कि धार जिले की पीथमपुर तहसील के ग्राम जामोदी, खेड़ा, अकोलिया व सागौर की 255 एकड़ जमीन पर प्रोजेक्ट विकसित किया जा रहा है।
उक्त पार्क पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के फार्मा, अपेरल क्लस्टर, इंदौर-टिही-दाहोद रेलवे लाइन व प्रस्तावित महू रिंग रोड के पास है। इस प्रोजेक्ट की लागत 1110.6 करोड़ है। योजना के क्रियान्वयन के लिए एसपीवी बनाई गई है, जिसका नाम ‘इंदौर एमएमएलपी प्राइवेट लिमिटेड’ है।
फायदा रेलवे टर्मिनल, कंटेनर यार्ड, कोल्ड स्टोरेज के साथ ही सेंट्रल इंडिया का बड़ा लॉजिस्टिक हब बन जाएगा
कमर्शियल जोन विकसित किया जाएगा। अभी पीथमपुर में नेशनल कंटेनर यार्ड है। रेल विकास निगम द्वारा रेलवे कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी।
माल भाड़ा बहुत कम होगा और एक साथ बड़ी मात्रा में सामान प्रदेश से निर्यात किया जा सकेगा।
प्रदेश में बनने वाले उत्पादों का तेजी से और कम लागत से देश के विभिन्न भागों में एक्सपोर्ट हो सकेगा।
इस पार्क के बनने के बाद मप्र का यह हिस्सा सेंट्रल इंडिया का बड़ा लॉजिस्टिक पार्क बन जाएगा। इसे दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से भी जोड़ा जाएगा।
मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क के बनने से यहां सभी प्रकार की लॉजिस्टिक सुविधाएं जैसे रेलवे टर्मिनल, कंटेनर यार्ड, कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस बन जाएंगे।