मंदसौर। उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा बताया गया कि वर्तमान में जिले में लगभग 85 प्रतिशत क्षेत्रफल बुवाई हो चुकी है। जिन कृषकों को उर्वरक की आवश्यकता है वे सहकारी समितियों, डिफॉल्टर कृषक नगद विक्रय केंद्रो एवं निजी संस्थाओं, मार्केटिंग सोसायटी सीतामऊ/सुवासरा एवं एम.पी. एग्रो, मंदसौर, दलौदा से कृषक नगद में उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं। जिले में सहकारी समितियों के पास 2484 मे. टन यूरिया, 1019 मे. टन डीएपी, 1472 मे. टन एन.पी.के., 1934 मे. टन एस.एस.पी. तथा 397 मे. टन एम.ओ.पी. उर्वरक उपलब्ध है। नगद विक्रय केंद्र डबल लॉक, मन्दसौर, मल्हारगढ़, सीतामऊ, शामगढ़ तथा भानपुरा में भी यूरिया डीएपी एवं पोटाश का भण्डारण है।