भोपाल। प्रधानमंत्री श्री योजना के तहत केंद्रीय विद्यालय क्रमांक- 1 भोपाल के कक्षा आठवीं के छात्रों ने प्राचार्य गौरव द्विवेदी के आदेशानुसार हाल ही में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का अध्ययन करने के लिए शैक्षिक भ्रमण किया। इस दौरान छात्रों ने डॉ. कपिल भार्गव, लोकेश सावरे, दाताराम नामदेव, मनीषा हांडे, शिवानी मैम, अंकित साहू के नेतृत्व में भीमबैठका और भोजपुर मंदिर का दौरा किया।
भीमबैठका मानव सभ्यता के प्रारंभिक प्रमाणों की अनोखी गुफाएं
यात्रा की शुरुआत यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त विश्व धरोहर स्थल, भीमबैठका गुफाओं से हुई। छात्रों ने पाषाण युग की चित्रकलाओं और मानव जीवन के प्रारंभिक प्रमाणों को देखा। गाइड ने उन्हें बताया कि यह गुफाएं प्राचीन मानव सभ्यता और कला के विकास की अद्भुत गवाह हैं। यहां के शैलचित्रों ने बच्चों को इतिहास के एक नए आयाम से परिचित कराया, जिससे उनका ज्ञान और अधिक विस्तारित हुआ।
भोजपुर मंदिर शिल्पकला का अद्वितीय उदाहरण
इसके बाद छात्र भोजपुर स्थित भगवान शिव के भव्य मंदिर पहुंचे। यहां का विशाल शिवलिंग देख छात्र बहुत उत्साहित हुए। गाइड ने बताया कि यह मंदिर राजा भोज द्वारा 11वीं शताब्दी में बनवाया गया था और इसका निर्माण अधूरा रह गया था। छात्रों ने मंदिर की वास्तुकला और शिल्पकला का गहन अध्ययन किया।
यात्रा का उद्देश्य वास्तविक इतिहास और संस्कृति से साक्षात्कार
यह शैक्षिक भ्रमण बच्चों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखते हुए वास्तविक इतिहास, संस्कृति और धरोहरों के बारे में जानने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान करता है। यात्रा के अंत में छात्रों ने अपने अनुभवों को साझा किया और शिक्षकों का धन्यवाद किया।