भोपाल। मध्य प्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा का विभिन्न मांगों को लेकर मंत्रालय एवं सतपुड़ा भवन के सामने प्रदर्शन शुरू। कर्मचारी संगठन पुरानी पेंशन बहाली, लंबित महंगाई भत्ते का भुगतान और पदोन्नति पर लगी रोक हटाने समेत 51 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं।
आंदोलन की मुख्य मांगों में वाहन और गृह भत्ता बढ़ाने, अनुकंपा नियुक्ति में सीपीसीटी का बंधन हटाने, परिवीक्षा अवधि 2 वर्ष करने और पेंशन के लिए अर्हता सेवा 25 वर्ष करने जैसी महत्वपूर्ण मांगें शामिल हैं। इसके साथ ही संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने तथा निगम-मंडल के कर्मचारियों को शासकीय सेवकों के समान लाभ देने की मांग भी प्रमुख है।
मोर्चा ने 16 फरवरी को भोपाल के आंबेडकर पार्क में महारैली का आयोजन किया है, जिसमें प्रदेश भर से कर्मचारी प्रतिनिधि शामिल होंगे। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एमपी द्विवेदी के अनुसार, 10 मार्च से शुरू हो रहे विधानसभा बजट सत्र के दौरान बड़े आंदोलन की योजना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों में सरकार के प्रति गहरा आक्रोश है और वे अपनी मांगों को लेकर दृढ़ संकल्पित हैं।