भोपाल। जिस प्रकार से अवैध एजेंट्स के झांसे में फंसकर भारतीय अपने अपने सुखद सपने संजोकर दूसरे देशों में जा रहे है यह राज्य और केंद्रीय सरकार की विफलता है की वो भारतीयों को रोजगार नहीं दे पा रहे है जिससे विवश होकर भारतीय न चाहते हुए भी दूसरे देशों में अवैध तरीके से जा रहे है और अमेरिका के अमानवीय व्यवहार को झेलकर भारतीयता को तार तार कर रहे है। इस दुखद प्रसंग पर विदेश मंत्री एस जयशंकर का बयान की पहले से ही कई भारतीय डिपोर्ट किये गए है यह पहला मामला नहीं है और उन्होंने लम्बा चौड़ा भाषण देकर 2009 से अभी तक डिपोर्ट किये गये भारतीयों के आंकड़े पेश कर दिए और डिपोर्ट का समर्थन किया लेकिन वो भूल जाते है की यह पहली बार है जब भारतीय नागरिको को इस प्रकार की अमानवीयता कर भारतीयों को डिपोर्ट किया गया। जिसका पूरा देश अमेरिका के कृत्य का विरोध कर रहा है क्योँकि एक छोटा सा देश अमेरिका का विरोध कर उसका जहाज अपनी सरजमीं पर नहीं उतरने देता है और अपना जहाज भेजकर अपने नागरिको को लाता है, तो फिर विश्वगुरु क्यों अपने नागरिको को अमानवीयता सहन करने के लिए छोड़ देता है यह यक्ष प्रसन है जिसका जवाब मोदी सरकार को देश की जनता के सामने देना चाहिए ?
आप के प्रदेश प्रवक्ता नवीन कुमार अग्रवाल ने कहा की जब जब देश में किसी भी प्रकार की घटना होती है ताबड़तोड़ सरकार नियम कानून बनाने की बात करती है जैसे की कल ही इस प्रकार की घटनाये बंद हो जावेंगी। उसी प्रकार से मोदी सरकार के मंत्री ने कहा की हम अवैध इमीग्रैशन रैकेट पर कड़ी कारवाही करेंगे तो में पत्र के माध्यम से पूछना चाहता हु की जब आप स्वयं ने यह स्वीकारा है की 2009 से अभी तक 15652 भारतीयों को डिपोर्ट किया गया है तो इससे पूर्व आज दिनांक तक आपकी मोदी सरकार ने क्या किया, क्यों आपकी सरकार ने अभी तक अवैध इमिग्रेशन रैकेट पर कार्यवाही नहीं की जबकि सबसे ज्यादा भारतीय 2019 में मोदी सरकार दौरान 2042 लोगो को डिपोर्ट किया गया तब भी सरकार ने इसी प्रकार का वादा किया था की अवैध इमिग्रेशन एजेंट्स पर कार्यवाही करंगे तो आज तकउनपर कार्यवाही क्यों नहीं की गई। क्या कारण है जवाब दीजिये।
अग्रवाल ने कहा की एक और तो मोदी सरकार अभी तक अवैध इमिग्रेशन रैकेट पर कार्यवाही नहीं कर पाई है उससे क्या प्रतीत नहीं होता है की इस अवैध इमीग्रेशन रैकेट के तार उच्च राजनीतिक लोगो से जुड़े हुए है जिसकी उच्च स्तरीय जाँच करवाकर एवं डिपोर्ट किये गए भारतीयों के बयान दर्ज कर तुरंत अवैध इमिग्रेशन रैकेट पर कारवाही करना चाहिए नहीं तो शक की सुई स्वाभाविक रूप से राजनेताओ की और मुड़ेंगी।
अग्रवाल ने जानकारी में बताया की इस संबंध में मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है की अतिशिग्र अवैध इमिग्रेशन रैकेट पर वैधानिक कारवाही की जावे ताकि निर्दाेष भारतीय इनके झांसे में आकर अमेरिका की तर्ज पर अमानवीयता के लिए बाध्य न हो।