अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर में किसानों के साथ करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार सामने आया है। जहां कृषि यंत्र और अन्य सामान वितरित करने के नाम पर करोड़ों रुपए की हेराफेरी की गई। इस मामले में कल मंगलवार को रीवा ईओडब्ल्यू ने एफआईआर दर्ज की है।
उप संचालक समेत 6 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज
ईओडब्ल्यू ने जांच के बाद कृषि विभाग के उप संचालक समेत 6 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। मामला साल 2019 अनूपपुर जिले का है। लंबे समय से रीवा ईओडब्ल्यू इसकी जांच कर रही थी।
सामान का वितरण करने के बजाय राशि का गबन
बताया जाता है कि अनूपपुर कृषि विभाग के उप संचालक ने ‘आत्मा’ परियोजना के तहत जिले के जैतहरी, अनूपपुर और पुष्पराजगढ़ विकासखंडों में निवासरत किसानों को वर्मी कम्पोस्ट खाद, मल्टी टूल फ्रेम, सिकल (उन्नत हंसिया), वर्मी बेड, बायो इनोक्यूलेंट वितरित किया जाना था। लेकिन इन सामान का वितरण न कर सरकारी राशि का गबन कर लिया।
2.29 करोड़ का गबन और भ्रष्टाचार मिला
ईओडब्ल्यू ने मामला सामने आने के बाद केस दर्ज किया गया। जांच में पाया गया कि कृषि परियोजना संचालक उप संचालक (आत्मा) एनडी गुप्ता और उनके अन्य सहयोगियों ने कुल 2.29 करोड़ रुपए का गबन किया है।
इन धाराओं में हुई एफआईआर
रीवा ईओडब्ल्यू एसपी अरविंद कुमार ठाकुर ने बताया कि मामले की शिकायत मिलने के बाद एक टीम का गठन किया गया था, टीम द्वारा जब मामले में छानबीन की गई तो जांच सही पाई गई। जांच में उपसंचालक कृषि परियोजना संचालक आत्मा परियोजना के एनडी गुप्ता एवं उनके अन्य सहयोगियों ने 2 करोड़ 29 लाख से ज्यादा की शासकीय राशि का गबन एवं भ्रष्टाचार करना पाया गया । भ्रष्टाचार में शामिल 6 अधिकारियों सहित अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 420, 467, 468, 471 सहित अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।