नीमच। पुराने कोर्ट परिसर की जमीन को लेकर एडवोकेट रमेश राजौरा ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि कोर्ट की जमीन नगर पालिका नीमच की जागीर नहीं है नीमच नगर पालिका ने आज तक कोर्ट की जमीन के विकास के लिए कुछ भी नहीं किया है और नाही विकास की एक भी ईट तक कोर्ट परिसर में नही लगाई है तो फिर नपा नीमच प्रस्ताव पास कर के कोर्ट की जमीन को वकीलों से कैसे छीन सकती है जब कि वकीलो ने कोर्ट परिसर की सुरक्षा और विकास के लिए कई आंदोलन किए हैं और कोर्ट परिसर का विकास कराया है कई सालो के वकील साथी अपने सेट एवं टेबल कुर्सी लगा कर बैठे है और समाज को न्याय दिला रहे है और आगे एडवोकेट रमेश राजोरा ने कहा कि जब कोर्ट परिसर की बाउंड्री नहीं थी उसे समय नपा को कोर्ट परिसर की बाउंड्री बनाने की याद क्यों नहीं आई उस समय भी वकीलों ने आंदोलन करके कोर्ट की जमीन को सुरक्षित किया था कोर्ट परिसर के गेट के लिए भी वकीलों ने आंदोलन किया था राजोरा ने कहाँ की नपा ने आज तक कभी भी कोर्ट परिसर मे पीने के पानी के लिये एक टंकी तक नही बनाई और कोर्ट नये भवन मे लगना चालू नही हुई उसे पहले नपा कोर्ट की जमीन का अधिकरण करने का पस्ताव लाकार क्या करना चाहती है कोर्ट की जमीन पर क्या बनेगा इस जमीन का क्या उपयोग होगा इस बात को तो नीमच की जनता और वकीलो को तो बता नही रही है सिर्फ अधिकरण की जल्दबाजी कर रही है इस से स्पष्ट होता है की नपा कोर्ट की जमीन का बंदर बाट करना चाहती है कोर्ट की जमीन पर नपा कोई हक नही है इस यह जमीन को वकील नहीं देंगे उसके लिए वकीलों को आंदोलन करना पडे या न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाना पड़ा तो वकील इस से भी पीछे नहीं हटेंगे हैं कोर्ट परिसर की जमीन पर वकीलों का पहला हक है क्योंकि वकील साथी कई वर्षों से इस जमीन पर समाज को न्याय दिला रहे हैं और साथ ही शहर के बीचो-बीच की जमीन पर नापा कब्जा करके नगर पालिका का को जमीन का गलत उपयोग वकील नही करने देंगे साथ ही जनता हित के लिये वकील साथी हमेशा आगे रहा है और पुरानी कोर्ट पर वकीलो की कालोनी कटेंगी क्यो कोर्ट परिसर की जमीन को सुरक्षित वकीलो ने रखा है।