शाजापुर। हरिद्वार के पौड़ी से कंधे पर 51 लीटर जल कावड़ यात्रा लेकर 1100 किमी कमल आर्य उज्जैन महाकाल मंदिर पैदल यात्रा पर निकले है जहा जगह जगह उनका स्वागत किया जा रहा है 84 दिन बाद ये कावड़ यात्रा शाजापुर पहुंची जहां पर डिजे पर शहर में यात्रा निकाल कर स्वगात किया गया।
यात्रा के दौरान कमल आर्य ने बताया कि हमने यह यात्रा हरिद्वार के पौड़ी से शुरू की है जो उज्जैन जाएगी पूरी यात्रा 93 दिन की रहेगी 93 दिन बाद गंगा के जल से 51 किमी कंधे पर जल कर कावड़ यात्रा बाबा महाकाल का अभिषेक किया जाएगा एवं गौ माता को राष्ट्र माता का स्थान दिलाने के लिए कामना की जाएगी पौराणिक कथाओं में ऐसा माना जाता है कि ब्रह्मा जी की झूठी गवाही देने के कारण गौ माता को श्राप दिया गया था जिसके चलते वहां डर-डर के ठोकरे खाने को मजबूर है बाबा महाकाल का अभिषेक कर गौ माता के श्राप की मुक्ति की कामना की जाएगी यहां यात्रा शिवरात्रि पर उज्जैन जाकर पूरी होगी।